झंझारपुर को बनाना है ग्रीन रिवॉल्यूशन: जिला एवं सत्र न्यायाधीश

झंझारपुर को ग्रीन रिवॉल्यूशन बनाना है. पौधा लगाकर उसकी सुरक्षा करना हर व्यक्ति की जिम्मेवारी है.

झंझारपुर. झंझारपुर को ग्रीन रिवॉल्यूशन बनाना है. पौधा लगाकर उसकी संरक्षा और सुरक्षा करना हर व्यक्ति की जिम्मेवारी है. मुझे बचपन से ही पेड़ पौधे लगाने की ओर झुकाव और ललक है. जिस कारण बीएसी जीव विज्ञान से किया हूं. यह बातें शुक्रवार को ओशो आशियां ट्रस्ट एवं विधिक सेवा प्राधिकार झंझारपुर न्यायालय के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित पौधा रोपण कार्यक्रम के दौरान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनामिका टी ने कही. उन्होंने कहा कि आज सतर्क रहने की जरूरी है. मधुबनी के हर तालाब के किनारे पूर्व में पेड़ पौधे लगाया गया था. जो आज नहीं है. आने वाले समय में अपने बच्चों को पेड़ पौधे की कहानी नहीं दिखा सकते. इसलिए पेड़ पौधा लगाना हम सभी की जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि पिछले साल मधुबनी में जो पेड़ लगाया गया. वह आज भी जिंदा है. कार्यक्रम से पूर्व ओशो आशियां ट्रस्ट से करीब 500 लोगों ने अपने अपने हाथों में पौधे लेकर जागरूकता करते हुए झंझारपुर न्यायालय पहुंचे. जहां से जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनामिका टी समेत न्यायालय के सभी सम्मानित जज ने पौधा लेकर न्यायालय कॉलोनी पहुंचे. जहां सबसे पहले न्यायधीश्वर महादेव मंदिर में और बजरंगबली मंदिर पहुंचकर दर्शन की. फिर वहां से चंदन का पौधा रोपण करते हुए पानी डाला गया. वहीं ओशो आशियां ट्रस्ट द्वारा बौध वटवृक्ष भी लगाया गया. जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने न्यायालय परिसर में वकालत भवन संघ कांउटर भवन का लोकार्पण किया. बाद में अधिवक्ता संघ द्वारा जिला एवं सत्र न्यायाधीश को सम्मानित किया गया.

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