Madhubani News: जमीनी विवाद में दो लोगों की पीट-पीटकर हत्या के चर्चित मामले में झंझारपुर कोर्ट ने शुक्रवार को बड़ा फैसला सुनाया. जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय झंझारपुर अनिल कुमार राम की अदालत ने लौकहा थाना कांड संख्या 87/2023 में दोषी रूपेश यादव और नीरज यादव को आजीवन कारावास की सजा सुनायी. दोनों पर 25-25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है.
दोनों दोषियों को 25-25 हजार रुपये जुर्माना
अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत दोनों को दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनायी. अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने पर दोनों को नौ-नौ माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा. जेल में बितायी गयी अवधि को धारा 428 के तहत सजा में समायोजित करने का आदेश दिया गया है.
अभियोजन पक्ष के अपर लोक अभियोजक देवशंकर झा ने बताया कि मामले की प्राथमिकी सूचिका प्रमीला देवी ने तीन अप्रैल 2023 को लौकहा थाना में दर्ज करायी थी.
फरसा, लाठी और लोहे की रॉड से किया था हमला
प्राथमिकी के अनुसार, सहोरवा निवासी रूपेश यादव, नीरज यादव एवं अन्य आरोपियों ने जमीनी विवाद को लेकर रमेन्द्र गुरमैता उर्फ रविन्द्र यादव और बिजली देवी पर फरसा, लाठी तथा लोहे की रॉड से हमला किया था. मारपीट में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गये थे.
घायलों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान प्रमीला देवी के पति रमेन्द्र गुरमैता उर्फ रविन्द्र यादव और उनकी सास बिजली देवी की मौत हो गयी थी. इसके बाद मामले में हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने अनुसंधान किया.
मृतका की बहू को मिलेगा मुआवजा
अदालत ने सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, मधुबनी को मृतक की पत्नी एवं पुत्रवधू प्रमीला देवी को बिहार विक्टिम कंपनसेशन स्कीम 2014 के तहत मुआवजा देने का आदेश भी दिया है.
बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता परशुराम मिश्रा एवं कृष्णदेव चांद ने अदालत में अपना पक्ष रखा.
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