मधुबनी स्वच्छता अभियान: 'स्वच्छता ही सेवा' कार्यक्रम के तहत मधुबनी की ऐतिहासिक जीवछ नदी को स्वच्छ, सुंदर और अविरल बनाने के लिए 24 सितंबर से विशेष सफाई अभियान चलाया जाएगा. इस महाअभियान के दौरान नदी से जलकुंभी, कूड़ा-कचरा और प्लास्टिक अपशिष्ट हटाकर नदी तट को पूरी तरह साफ किया जाएगा. इसके साथ ही नदी किनारे स्थित मुक्ति धाम का भी जीर्णोद्धार और कायाकल्प किया जाएगा.
नगर आयुक्त ने लिया तैयारियों का जायजा
अभियान की पूर्व तैयारियों को लेकर नगर आयुक्त उमेश कुमार भारती ने अधिकारियों की टीम के साथ जीवछ नदी तट और मुक्ति धाम का स्थलीय निरीक्षण किया. उन्होंने कार्ययोजना की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से व्यापक सफाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.
अभियान के प्रमुख बिंदु और कार्ययोजना
जीवछ नदी और मुक्ति धाम के सौंदर्यीकरण को लेकर तय की गई मुख्य प्राथमिकताएं इस प्रकार हैं:
- जलकुंभी व कचरा उठाव: नदी की जलधारा को अवरुद्ध करने वाली जलकुंभी और जमा कचरे को पूरी तरह बाहर निकाला जाएगा.
- मुक्ति धाम का कायाकल्प: अंतिम संस्कार स्थल और परिसर की विशेष मरम्मत, रंग-रोगन और स्वच्छता सुनिश्चित की जाएगी.
- जनभागीदारी पर जोर: नागरिकों और सामाजिक संगठनों को श्रमदान व जागरूकता अभियान से सीधे जोड़ा जाएगा.
प्राकृतिक विरासत के संरक्षण का साझा संकल्प
निरीक्षण के दौरान एलएसबीए जिला समन्वयक संजीव कुमार, स्वच्छता पदाधिकारी अमिताभ गुंजन, स्वच्छता साथी अविनाश चौधरी और नमामि गंगे के डीपीओ आनंद अंकित मौजूद रहे. अधिकारियों ने कहा कि जीवछ नदी मिथिला क्षेत्र की प्राकृतिक और सांस्कृतिक धरोहर है. नमामि गंगे के डीपीओ आनंद अंकित ने कहा कि यह नदी क्षेत्र के लिए वरदान है. इसकी अविरलता और निर्मलता बनाए रखना केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि पूरे समाज का सामूहिक दायित्व है. उन्होंने आमजन से नदी में कचरा न फेंकने की अपील की.
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