Madhubani News: मधुबनी जिले के जयनगर अनुमंडल क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अवैध रूप से संचालित अल्ट्रासाउंड केंद्रों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार के नेतृत्व में की गई इस औचक छापेमारी के दौरान बिना निबंधन के चल रहे 'शिवम अल्ट्रासाउंड सेंटर' पर प्राथमिकी दर्ज कराई गई है, जबकि 'गायत्री अल्ट्रासाउंड' को मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में सील कर दिया गया है. इस कड़ी कार्रवाई से क्षेत्र के अवैध नर्सिंग होम और जांच घर संचालकों में हड़कंप मच गया है.
illegal ultrasound center: सोनोलॉजिस्ट की सीट पर बैठा गैर-तकनीकी युवक कर रहा था जांच
स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम जब 'शिवम अल्ट्रासाउंड सेंटर' पर पहुंची, तो वहां चौंकाने वाला मामला सामने आया. सोनोलॉजिस्ट की मुख्य सीट पर एक गैर-तकनीकी युवक बैठकर अवैध रूप से मरीजों का अल्ट्रासाउंड कर रहा था. टीम ने मौके पर ही इस गड़बड़ी के वीडियो और फोटो साक्ष्य के तौर पर सुरक्षित कर लिए. इसके बाद जब केंद्र के वैध कागजात और निबंधन की मांग की गई, तो संचालक कोई भी दस्तावेज नहीं दिखा सका.
सीलिंग की भनक लगते ही मशीनें लेकर फरार हुआ संचालक
सिविल सर्जन ने बताया कि केंद्र को बंद करने की हिदायत देने के बाद जब मजिस्ट्रेट और पुलिस बल के साथ टीम दोबारा उसे सील करने पहुंची, तो संचालक केंद्र बंद कर फरार हो चुका था. आरोपी संचालक कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए अल्ट्रासाउंड मशीन और अन्य कीमती उपकरण भी मौके से उखाड़ कर भगा ले गया.
गंभीर धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
प्रशासन ने इस अवैध और मनमाने कृत्य पर सख्त रुख अपनाते हुए जयनगर थाने में मामला दर्ज कराया है. पुलिस ने नए कानून बीएनएस की धारा 22, 23, 25, 318(4) और पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट 1994 की धारा 18 व 23 के तहत प्राथमिकी दर्ज की है.
आगे भी जारी रहेगा औचक निरीक्षण अभियान
मामले की गंभीरता को देखते हुए जयनगर थाना प्रभारी ने सब-इंस्पेक्टर विनोद कुमार को इस केस का अनुसंधानक नियुक्त किया है। पुलिस फरार संचालक की गिरफ्तारी और गायब की गई मशीन की बरामदगी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। सिविल सर्जन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जिले में बिना निबंधन के कोई भी अवैध जांच घर या क्लीनिक संचालित नहीं होने दिया जाएगा और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
