Madhubani News: मधुबनी परिवार न्यायालय के न्यायाधीश जय किशोर दुबे ने भरण-पोषण राशि का भुगतान नहीं करने वाले एक पति को 30 दिनों के साधारण कारावास की सजा सुनाई है. न्यायालय के आदेश के बाद पंडौल थाना क्षेत्र निवासी अमित चौधरी को न्यायिक अभिरक्षा में मंडल कारा भेज दिया गया.
2019 में दायर हुआ था भरण-पोषण का वाद
आवेदिका के अधिवक्ता आरिफ हुसैन के अनुसार, पूर्णिमा देवी ने वर्ष 2019 में अपने और अपने पुत्र के भरण-पोषण के लिए परिवार न्यायालय में वाद दायर किया था.
सुनवाई के बाद न्यायालय ने 11 नवंबर 2022 को पति अमित चौधरी को पत्नी और पुत्र के लिए प्रतिमाह 10 हजार रुपये भरण-पोषण राशि देने का आदेश दिया था.
बकाया राशि नहीं चुकाने पर हुई कार्रवाई
न्यायालय के आदेश के बावजूद पति ने भरण-पोषण राशि का भुगतान नहीं किया. इसके बाद पत्नी ने बकाया 1.10 लाख रुपये की वसूली के लिए न्यायालय में विविध वाद दायर किया.
सुनवाई के दौरान न्यायालय ने अमित चौधरी के विरुद्ध डिस्ट्रेस वारंट जारी किया. वारंट के आधार पर पंडौल पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर परिवार न्यायालय में पेश किया.
कोर्ट में भी राशि देने से किया इनकार
परिवार न्यायालय ने आरोपी को बकाया राशि जमा करने का अवसर दिया, लेकिन उसने भुगतान करने से इनकार कर दिया.
इस पर न्यायाधीश ने न्यायालय के आदेश की अवहेलना को गंभीर मानते हुए उसे 30 दिनों के साधारण कारावास की सजा सुनाई.
हालांकि अदालत ने अपने आदेश में यह भी कहा कि यदि आरोपी 30 दिनों के भीतर बकाया भरण-पोषण राशि जमा कर देता है तो उसे नियमानुसार रिहा किया जा सकता है.
2017 में हुई थी शादी
अधिवक्ता के अनुसार, पूर्णिमा देवी की शादी 26 जून 2017 को हुई थी. आरोप है कि विवाह के बाद पति और उसके परिजन दो लाख रुपये दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित करने लगे और 1 जून 2019 को उन्हें घर से निकाल दिया गया. इसके बाद उन्होंने परिवार न्यायालय की शरण ली.
