सदर अस्पताल में बिचौलियों पर सख्ती, ओपीडी में चला जांच अभियान

मधुबनी सदर अस्पताल में अब मरीजों को निजी नर्सिंग होम और जांच घरों में बहलाने वाले बिचौलियों पर शिकंजा कस गया है। अस्पताल प्रबंधन ने OPD में सघन जांच अभियान चलाकर संदिग्ध गतिविधियों पर लगाम लगाई है। 40 CCTV कैमरों की मदद से परिसर की हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है।

Madhubani Sadar Hospital: सदर अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को बहला-फुसलाकर निजी नर्सिंग होम और जांच घरों में ले जाने वाले कथित बिचौलियों पर अस्पताल प्रबंधन ने सख्ती शुरू कर दी है. मंगलवार को अस्पताल प्रबंधक पींटू खां ने ओपीडी में पहुंचकर मरीजों की पर्चियों की जांच की और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी.

ओपीडी में चलाया गया जांच अभियान

अस्पताल प्रबंधक ने ओपीडी में मौजूद मरीजों की पर्चियों की जांच की. पर्ची सही पाए जाने पर मरीजों को संबंधित चिकित्सकों के पास इलाज के लिए भेजा गया. वहीं ओपीडी के सामने मौजूद संदिग्ध लोगों को बिना कारण अस्पताल परिसर में नहीं आने की चेतावनी दी गई.

एक दर्जन से अधिक लोगों को परिसर से हटाया गया

अस्पताल प्रबंधन के निर्देश पर सुरक्षा कर्मियों ने अस्पताल परिसर से एक दर्जन से अधिक संदिग्ध बिचौलियों को बाहर किया. अस्पताल प्रबंधक के ओपीडी पहुंचते ही कुछ लोग वहां से चले गए.

40 CCTV कैमरों से रखी जा रही निगरानी

अस्पताल प्रबंधक पींटू खां ने बताया कि सिविल सर्जन के निर्देश पर बिचौलियों की पहचान की जा रही है. वर्तमान में सदर अस्पताल परिसर में 40 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं. आवश्यकता के अनुसार और कैमरे लगाए जाएंगे ताकि अस्पताल परिसर की प्रत्येक गतिविधि पर निगरानी रखी जा सके. सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पहचान होने पर संबंधित लोगों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी.

सुरक्षा गार्ड को दिए गए विशेष निर्देश

अस्पताल प्रबंधन ने सुरक्षा गार्ड को निर्देश दिया है कि ओपीडी और इमरजेंसी में केवल मरीजों और उनके परिजनों को ही प्रवेश दिया जाए. प्रतिदिन बिना कारण अस्पताल परिसर में आने वाले लोगों की पहचान कर उसकी सूचना तत्काल अस्पताल प्रबंधक को देने को कहा गया है.

मरीजों को निजी संस्थानों तक ले जाने की मिलती रही है शिकायत

अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, ओपीडी और इमरजेंसी के आसपास निजी नर्सिंग होम और जांच घरों से जुड़े कथित बिचौलियों की आवाजाही की शिकायतें मिलती रही हैं. आरोप है कि ऐसे लोग मरीजों को निजी संस्थानों तक ले जाकर कमीशन प्राप्त करते हैं. अस्पताल प्रबंधन ने कहा कि इमरजेंसी, अल्ट्रासाउंड केंद्र, जांच घर और दवा वितरण केंद्र की नियमित निगरानी की जाएगी तथा सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी.


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By Anil kunar jha

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