Madhubani News: प्रस्तावित उच्च शिक्षा विधेयक के विरोध में शुक्रवार को रामकृष्ण महाविद्यालय, मधुबनी में शिक्षकों, अतिथि शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मियों ने काली पट्टी बांधकर विरोध-प्रदर्शन किया. यह कार्यक्रम ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के आह्वान पर आयोजित किया गया.
विश्वविद्यालय की स्वायत्तता पर जताई चिंता
आंदोलन का नेतृत्व विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. शशिभूषण कुमार ने किया. महाविद्यालय स्तर पर कार्यक्रम का संचालन शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. सुनील कुमार सुमन, सचिव डॉ. प्रमोद पासवान, अतिथि शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. शिवकुमार यादव तथा शिक्षकेत्तर कर्मचारी संघ के अध्यक्ष मोहम्मद कमालुद्दीन और सचिव महेंद्र नाथ महान ने किया.
विरोध-प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों और कर्मियों ने काली पट्टी बांधकर विधेयक के खिलाफ अपनी नाराजगी जताई.
विधेयक वापस लेने की मांग
वक्ताओं ने कहा कि सरकार जब तक प्रस्तावित उच्च शिक्षा विधेयक को वापस नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. उनका कहना था कि विश्वविद्यालयों से जुड़े किसी भी महत्वपूर्ण विधेयक का उद्देश्य उच्च शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाना, विश्वविद्यालयों की शैक्षणिक स्वायत्तता को सुरक्षित रखना और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को बनाए रखना होना चाहिए.
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रस्तावित विधेयक लागू होने से विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता प्रभावित होगी. शिक्षक संघ ने सरकार से इस विधेयक को वापस लेने की मांग की.
बड़ी संख्या में शिक्षक रहे मौजूद
कार्यक्रम में प्रो. अशोक कुमार, डॉ. अवधेश कुमार, डॉ. प्रमोद कुमार पासवान, डॉ. बरखा अग्रवाल, डॉ. मरगूब आलम, डॉ. विजय कुमार, डॉ. अरविंद कुमार, डॉ. मनोज कुमार साह, डॉ. गोपाल कुमार, डॉ. धीरेंद्र कुमार, डॉ. ज्योति, डॉ. हनी दर्शन, डॉ. अशोक रंजन, डॉ. मीनाक्षी राणा, डॉ. विजया रंजन, डॉ. अल्पना शालिनी, डॉ. खुशबू, डॉ. सुधांशु कुमार, डॉ. सुधीर नारायण, डॉ. धनवीर प्रसाद यादव, डॉ. सुशांता प्रियदर्शनी, डॉ. अल्पना कुमारी, डॉ. सोनी कुमारी, डॉ. सुषमा चौधरी, डॉ. फरहत जहां, डॉ. सपना कुमारी, डॉ. सुमन लता, डॉ. विजय बहादुर पाल, डॉ. माधवी कुमारी, डॉ. सोनम बाला, नरेंद्र कुमार, महेंद्र नाथ महान सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, अतिथि शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मी उपस्थित रहे.
