Madhubani News : डब्ल्यूएचओ की टीम ने डोजियर प्रिपरेशन की परखी तैयारी

कालाजार उन्मूलन की दिशा में उपलब्धि हासिल कर चुके जिले के लिए अगला व निर्णायक कदम सर्टिफिकेशन की ओर बढ़ना है.

मधुबनी.

कालाजार उन्मूलन की दिशा में उपलब्धि हासिल कर चुके जिले के लिए अगला व निर्णायक कदम सर्टिफिकेशन की ओर बढ़ना है. इसी उद्देश्य से जिले में कालाजार डोजियर प्रिपरेशन का कार्य तेजी से किया जा रहा है. इसे कालाजार उन्मूलन का वैज्ञानिक आधार माना जाता है. इस प्रक्रिया की गुणवत्ता व तकनीकी मजबूती की समीक्षा के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन की टीम ने शुक्रवार को जिला का भ्रमण कर संबंधित अधिकारियों व कर्मियों के साथ चर्चा की. जिले में कालाजार उन्मूलन के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है. जिला न केवल कालाजार उन्मूलन का लक्ष्य हासिल कर चुका है, बल्कि जिले में इसके रोगियों की संख्या में कमी आयी है. अब जिले को औपचारिक रूप से “कालाजार मुक्त” घोषित करने के लिए डोजियर प्रिपरेशन किया जा रहा है. इसके आधार पर राष्ट्रीय स्तर और डब्ल्यूएचओ से सर्टिफिकेट दिया जाएगा.

तकनीकी चुनौतियों और रिपोर्टिंग की गुणवत्ता के लिए सुझाव

डब्ल्यूएचओ की टीम ने जिले में चल रहे कालाजार डोज़ियर प्रिपरेशन के कार्यों की समीक्षा की. टीम में डब्ल्यूएचओ के कालाजार डोज़ियर प्रिपरेशन की नेशनल कोऑर्डिनेटर डॉक्टर. पल्लिका सिंह व डब्ल्यूएचओ के जोनल कोऑर्डिनेटर डॉक्टर दिलीप कुमार शामिल थे. टीम के सदस्यों ने जिले के वीडीसीओ और वीबीडीएस कर्मियों के साथ बैठक कर कालाजार डोजियर चेकलिस्ट पर विस्तार से चर्चा की. इस दौरान डोजियर प्रिपरेशन में आने वाली तकनीकी चुनौतियों, डाटा संग्रहण, डाटा सोर्स और रिपोर्टिंग की गुणवत्ता को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव दिया गया. डब्ल्यूएचओ टीम की डा. पल्लिका सिंह ने बताया कि कालाजार डोज़ियर प्रिपरेशन के तहत वर्ष 2018 से लेकर 2026 तक के सभी प्रासंगिक आंकड़ों को क्रमबद्ध और प्रमाणिक रूप से संकलित किया जाना है. इसमें जिले में पाए गए कालाजार के मामलों की संख्या, समय पर इलाज, दवाओं एवं जांच की उपलब्धता, प्रखंडवार सर्विलांस रिपोर्ट, घर-घर कीटनाशक छिड़काव, बीमारी की रोकथाम और जन-जागरूकता से जुड़ी गतिविधियों का विस्तृत विवरण शामिल होता है.

जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. डीएस सिंह ने कहा कि जिला ने कालाजार उन्मूलन के लक्ष्य को सफलतापूर्वक प्राप्त कर लिया है. अब सर्टिफिकेशन की प्रक्रिया के लिए कालाजार डोजियर प्रिपरेशन किया जा रहा है, जो जिले के लिए बेहद महत्वपूर्ण दस्तावेज है. उन्होंने स्पष्ट किया कि डोजियर तैयार करना केवल कागजी औपचारिकता नहीं, बल्कि यह जिले में कालाजार नियंत्रण, उपचार, निगरानी और रोकथाम से जुड़े हर प्रयास का ठोस प्रमाण होता है. उन्होंने कहा कि कालाजार डोजियर वह आधारशिला है, इसके बिना किसी भी जिले को कालाजार मुक्त घोषित नहीं किया जा सकता. यह न केवल उपलब्धियों का रिकॉर्ड है, बल्कि यह दर्शाता है कि जिले ने जमीनी स्तर पर बीमारी से निपटने के लिए कितनी गंभीरता से कार्य किया है. भविष्य में मिलने वाली मान्यता, पुरस्कार और प्रमाणन भी इसी डोज़ियर की गुणवत्ता पर निर्भर करता है.

जिले में वर्षवार कालाजार मरीजों की संख्या :

जिले में वर्ष 2009 में 730 मरीज, 2010 में 630, वर्ष 2011 में 538, वर्ष 2012 में 415, वर्ष 2013 में 321, वर्ष 2014 में 256, वर्ष 2015 में 187, मरीज 2016 में 108, मरीज, 2017 में 85 मरीज, 2018 में 50, 2019 में 31,और 2020 में 28 मरीज 2021 में 24 तथा 2022 में 26 मरीज, 2023 में 8 मरीज, 2024 में 01। वही 2025 में 3 मरीज मिला है. इस अवसर पर जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉक्टर डीएस सिंह, डब्ल्यूएचओ के जनरल कोऑर्डिनेटर डॉक्टर दिलीप कुमार, पिरामल के प्रतिनिधि, वीडीसीओ पुरुषोत्तम कुमार समेत सभी वीबीडीएस मौजूद थे.

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Author: GAJENDRA KUMAR

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