नेपाल सीमा बना नशा तस्करों का कॉरिडोर! मधुबनी में लगातार पकड़ी जा रही ब्राउन शुगर और गांजा

मधुबनी जिला नशा तस्करों के लिए एक प्रमुख ट्रांजिट कॉरिडोर बनता जा रहा है. नेपाल सीमा से संचालित हो रहे इस नेटवर्क में युवा और किशोर तेजी से फंस रहे हैं. पुलिस लगातार बड़ी बरामदगियां कर रही है, लेकिन समस्या गंभीर बनी हुई है.

Madhubani News: नेपाल से सटे सीमावर्ती जिला मधुबनी में मादक पदार्थों की तस्करी लगातार बढ़ती जा रही है. हाल के महीनों में पुलिस, एसएसबी और नारकोटिक्स एजेंसियों की कार्रवाई में ब्राउन शुगर, गांजा और अन्य मादक पदार्थों की कई बड़ी खेप पकड़ी गई हैं. लगातार हो रही बरामदगियों ने यह संकेत दिया है कि मधुबनी अब अवैध नशे के कारोबार का एक प्रमुख ट्रांजिट कॉरिडोर बनता जा रहा है. सबसे अधिक चिंता की बात यह है कि इस जाल में युवा और किशोर तेजी से फंस रहे हैं.

नेपाल सीमा से संचालित हो रहा तस्करी का नेटवर्क

पुलिस के अनुसार नेपाल सीमा से सटे जयनगर, हरलाखी, बासोपट्टी, लौकहा, खुटौना और मधवापुर जैसे इलाकों में तस्कर सक्रिय हैं. यहां से मादक पदार्थों की खेप बिहार के अन्य जिलों और दूसरे राज्यों तक पहुंचाई जाती है. कई मामलों में छोटी-छोटी पुड़िया बनाकर स्कूल-कॉलेज के छात्रों और मजदूर वर्ग तक नशे की आपूर्ति किए जाने की भी जानकारी मिली है.

अप्रैल से जुलाई तक लगातार हुई बड़ी बरामदगी

पिछले कुछ महीनों में पुलिस और एसएसबी ने कई बड़ी कार्रवाई की हैं.

  • अप्रैल में 1.227 किलोग्राम ब्राउन शुगर के साथ दो तस्कर गिरफ्तार हुए. इसकी अंतरराष्ट्रीय कीमत करीब ₹1.25 करोड़ आंकी गई.
  • 16 मई को जयनगर में 207 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद हुई.
  • 19 मई को मधवापुर में 196 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया.
  • 20 मई को भैरवस्थान में 83 किलोग्राम गांजा पकड़ा गया.
  • 21 मई को बाबूबरही में 100 ग्राम ब्राउन शुगर, दो पिस्टल और डिजिटल तराजू बरामद हुए.
  • जुलाई में भी मधवापुर, बासोपट्टी, लौकहा, हरलाखी और अन्य क्षेत्रों में गांजा और ब्राउन शुगर की कई खेप पकड़ी गईं.

इन कार्रवाइयों से साफ है कि जिले में तस्करों का नेटवर्क लगातार सक्रिय है.

बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन बने नए ठिकाने

स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिले के कई बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, सुनसान बाजार और खाली भवनों के आसपास नशेड़ियों का जमावड़ा बढ़ने लगा है. यहां गांजा, स्मैक और ब्राउन शुगर की छोटी-छोटी पुड़ियों की बिक्री की शिकायतें लगातार मिल रही हैं. पुलिस कार्रवाई के बाद तस्कर अपना ठिकाना बदल लेते हैं और फिर सक्रिय हो जाते हैं.

युवा सबसे ज्यादा हो रहे शिकार

विशेषज्ञों का मानना है कि अब नशे का कारोबार सिर्फ शराब या गांजा तक सीमित नहीं रह गया है. ब्राउन शुगर, स्मैक, नशीली गोलियां, इंजेक्शन और अन्य सिंथेटिक ड्रग्स का इस्तेमाल युवाओं और किशोरों के बीच तेजी से बढ़ रहा है. कम मात्रा में अधिक कीमत मिलने और आसानी से छिपाकर ले जाने की वजह से तस्कर इस कारोबार को तेजी से बढ़ा रहे हैं.

एसपी बोले- तस्करों पर होगी सख्त कार्रवाई

मधुबनी के एसपी योगेंद्र कुमार ने कहा कि जल्दी पैसा कमाने के लालच में कम उम्र के युवक तस्करी में शामिल हो रहे हैं और पुलिस की गिरफ्त में आ रहे हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा. पुलिस तस्करों के आर्थिक स्रोत, संपत्ति और पूरे नेटवर्क की जांच कर बड़े गिरोहों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है.

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By Kartik kumar

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