मधुबनी न्यूज: विकसित बिहार @2047 के लक्ष्य को हासिल करने में जिलों की भूमिका अहम होगी. इसी दिशा में पटना के अधिवेशन भवन में आयोजित बिहार एसडीजी कॉन्क्लेव-2026 में मधुबनी के जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने जिले में समेकित विकास की कार्ययोजना और अपने अनुभव साझा किये. उन्होंने बताया कि स्थानीय जरूरतों के आधार पर विकास योजनाओं को एक-दूसरे से जोड़कर बेहतर परिणाम हासिल किये जा सकते हैं.
समेकित जिला नियोजन पर दिया प्रस्तुतीकरण
कॉन्क्लेव के दूसरे दिन जिला आधारित विकास और सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) के स्थानीयकरण पर सत्र आयोजित हुआ. इसमें डीएम आनंद शर्मा ने ‘तेज विकास के लिए समेकित जिला नियोजन : एसडीजी और विकसित बिहार @2047 की प्राप्ति के अनुभव’ विषय पर प्रस्तुतीकरण दिया.
उन्होंने कहा कि जिले में विकास की रफ्तार बढ़ाने के लिए अलग-अलग विभागों की योजनाओं के बीच बेहतर समन्वय और अभिसरण जरूरी है. इससे उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी इस्तेमाल करने के साथ योजनाओं के परिणाम को भी बेहतर किया जा सकता है.
आंकड़ों के आधार पर फैसले पर जोर
डीएम ने परिणाम आधारित निगरानी और आंकड़ों के आधार पर निर्णय लेने को विकास की मजबूत आधारशिला बताया. उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर एसडीजी लक्ष्यों का प्रभावी क्रियान्वयन तभी संभव है, जब योजनाओं की नियमित निगरानी हो और उनके परिणामों का आकलन किया जाए.
उन्होंने कहा कि विकसित बिहार का लक्ष्य केवल बड़ी योजनाओं से पूरा नहीं होगा. इसके लिए विकास की रणनीति को स्थानीय जरूरतों, उपलब्ध संसाधनों और समुदाय की भागीदारी से जोड़ना जरूरी है.
पंचायतों की भूमिका मजबूत करने की जरूरत
प्रस्तुतीकरण के दौरान डीएम ने पंचायतों की भूमिका को और मजबूत करने पर भी जोर दिया. उन्होंने जिला प्रशासन को विकास योजनाओं के प्रभावी समन्वय केंद्र के रूप में विकसित करने की आवश्यकता बतायी. उनका कहना था कि स्थानीय स्तर पर योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन से विकास का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से लोगों तक पहुंचाया जा सकता है.
नीति आयोग के सदस्यों की मौजूदगी
सत्र की अध्यक्षता नीति आयोग के सदस्य प्रो. केवी राजू और वरिष्ठ सलाहकार डॉ. नीलम पटेल ने की. कार्यक्रम में बिहार सरकार के मंत्री, अपर मुख्य सचिव, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और विकास क्षेत्र के विशेषज्ञ मौजूद रहे. मधुबनी के विकास अनुभवों की प्रस्तुति को जिला आधारित विकास और स्थानीय स्तर पर एसडीजी लक्ष्यों को परिणाम में बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना गया.
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