Madhubani News: जिले में टीबी मुक्त भारत अभियान को गति देने के लिए जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने गुरुवार को वर्चुअल माध्यम से समीक्षा बैठक की. बैठक में 24 मार्च से 14 जुलाई तक चले विशेष टीबी स्क्रीनिंग अभियान की प्रखंडवार और दैनिक प्रगति का आकलन किया गया. डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि संभावित टीबी मरीजों की पहचान, समय पर जांच और उपचार में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए.
अपफ्रंट नाट टेस्ट में 126 प्रतिशत उपलब्धि
समीक्षा के दौरान बताया गया कि 16 जुलाई तक अपफ्रंट नाट टेस्ट का दैनिक लक्ष्य 248 था, जबकि 312 जांच की गईं. इस तरह जिले ने 126 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की. वहीं निक्षय मित्र के 26 पंजीकरण हुए और 17 टीबी मरीजों को फूड बास्केट उपलब्ध कराया गया.
चेस्ट एक्स-रे लक्ष्य शत-प्रतिशत पूरा
बैठक में बताया गया कि चेस्ट एक्स-रे का लक्ष्य 420 था, जिसे शत-प्रतिशत पूरा किया गया. जांच के दौरान 14 लोगों में टीबी के लक्षण पाए गए. इसके अलावा 450 लोगों को टीबी से बचाव के प्रति जागरूक किया गया तथा 155 घरों में जाकर संपर्क अभियान चलाया गया.
घर-घर होगी स्क्रीनिंग, नाट टेस्ट पर जोर
जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने कहा कि भारत सरकार और बिहार सरकार के टीबी उन्मूलन लक्ष्य को हासिल करने के लिए सभी अधिकारियों को मिशन मोड में काम करना होगा. उन्होंने निर्देश दिया कि संदिग्ध मरीजों का नाट टेस्ट (NAAT Test) अनिवार्य रूप से कराया जाए और जांच में किसी तरह की शिथिलता न बरती जाए.
निक्षय पोषण योजना का लाभ दिलाने के निर्देश
डीएम ने कहा कि सभी पात्र टीबी मरीजों को निक्षय पोषण योजना का लाभ समय पर मिले, इसके लिए पे-आईडी (Pay ID) बनाने की प्रक्रिया तेज की जाए. साथ ही निक्षय पोर्टल पर सभी मरीजों की जानकारी शत-प्रतिशत दर्ज करने का निर्देश दिया.
उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम, जीविका दीदियों, आंगनबाड़ी सेविकाओं और स्वास्थ्य कर्मियों के समन्वय से घर-घर टीबी स्क्रीनिंग अभियान चलाने पर भी जोर दिया, ताकि कोई भी संभावित मरीज जांच और इलाज से वंचित न रहे.
बैठक में सभी प्रखंडों के वरीय पदाधिकारी, चिकित्सा पदाधिकारी, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे.
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