मधुबनी: श्रावणी मेला 2026 के मद्देनजर श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और जिले में शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखने के लिए जिलाधिकारी आनंद शर्मा और पुलिस अधीक्षक की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में जिला प्रशासन और पुलिस विभाग द्वारा जारी संयुक्त आदेश के तहत प्रतिनियुक्त सभी दंडाधिकारियों एवं पुलिस अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए.
30 जुलाई से 28 अगस्त तक चलेगा श्रावणी मेला
बैठक में बताया गया कि इस वर्ष श्रावण मास 30 जुलाई से प्रारंभ होकर 28 अगस्त तक चलेगा. इस दौरान प्रत्येक सोमवार को जिले के प्रमुख शिवालयों में जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ेगी. 28 अगस्त को श्रावणी पूर्णिमा व रक्षाबंधन और 4 अगस्त को चेहल्लुम का त्योहार भी है. इसे ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तैयारी कर ली है.
उगना महादेव मंदिर क्षेत्र में 1102 कर्मियों की विशेष तैनाती
बैठक में बिस्फी थाना क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक नरसाम-भैरवा के उगना महादेव मंदिर की संवेदनशीलता पर विशेष चर्चा हुई. श्रद्धालु बलहा घाट से लगभग 7 किलोमीटर की पदयात्रा कर जलाभिषेक करने पहुंचते हैं.
- कुल तैनाती: जिले भर में 298 स्थानों पर दंडाधिकारी और पुलिस बल तैनात किए गए हैं.
- उगना महादेव क्षेत्र: केवल इस क्षेत्र में 143 दंडाधिकारी, 124 पुलिस पदाधिकारी, 320 सशस्त्र बल, 268 लाठी बल, 86 महिला पुलिसकर्मी और 106 चौकीदार समेत कुल 1102 कर्मियों को लगाया गया है.
- QRT टीम: आपात स्थिति से निपटने के लिए क्विक रिस्पांस टीम (QRT) की 2 टीमें तैनात रहेंगी.
सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
डीएम आनंद शर्मा ने सभी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में लगातार गश्त करने और जिला नियंत्रण कक्ष से संपर्क बनाए रखने का निर्देश दिया. इसके अलावा कपिलेश्वर स्थान (रहिका), उग्रनाथ महादेव व दोमंठा मंदिर (पंडौल), कलनेश्वर महादेव (हरलाखी) और भूतनाथ मंदिर (राजनगर) जैसे प्रमुख शिवालयों में भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और भीड़भाड़ वाले इलाकों में विशेष निगरानी के आदेश दिए गए हैं. प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचना या अफवाह फैलाने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी.
