Madhubani Planetarium: जिले में विज्ञान और तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी पहल की तैयारी शुरू हो गयी है. रहिका में डिजिटल तारामंडल और स्पेस एंड एस्ट्रोनॉमी एजुकेशन सेंटर की स्थापना की दिशा में प्रशासनिक प्रक्रिया तेज कर दी गयी है. इसके बनने के बाद जिले के स्कूली और कॉलेज विद्यार्थियों को अंतरिक्ष विज्ञान, खगोल विज्ञान और आधुनिक तकनीक से जुड़ी जानकारी डिजिटल माध्यमों से मिल सकेगी. इससे विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ने के साथ शोधपरक शिक्षा को भी प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है.
विज्ञान, प्रौद्योगिकी विभाग ने मांगी जमीन
डिजिटल तारामंडल और स्पेस एंड एस्ट्रोनॉमी एजुकेशन सेंटर की स्थापना के लिए बिहार सरकार के विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने जिला प्रशासन से भूमि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है. विभाग ने संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप केंद्र की स्थापना के लिए न्यूनतम दो एकड़ भूमि की आवश्यकता बतायी है.
विभाग के अनुरोध के बाद जिला प्रशासन की ओर से उपयुक्त सरकारी भूमि की तलाश शुरू की गयी. राजस्व कर्मियों की जांच, स्थलीय निरीक्षण और मापी के बाद प्रस्तावित स्थल को चिह्नित किया गया है.
2.31 एकड़ सरकारी जमीन चिह्नित
प्रशासनिक जांच के बाद करीब 2 एकड़ 31.1 डिसमिल सरकारी भूमि चिह्नित की गयी है. रहिका अंचल प्रशासन की ओर से भूमि का नजरी नक्शा, मापी प्रतिवेदन, राजस्व कर्मी की जांच रिपोर्ट समेत अन्य आवश्यक दस्तावेज तैयार किये गये हैं.
चिह्नित भूमि को डिजिटल तारामंडल और स्पेस एंड एस्ट्रोनॉमी एजुकेशन सेंटर के निर्माण के लिए उपयुक्त बताया गया है.
सड़क से जुड़ी है प्रस्तावित जमीन
प्रस्तावित जमीन की प्रमुख विशेषता यह है कि यह सड़क मार्ग से जुड़ी हुई है. प्रशासनिक रिपोर्ट के अनुसार, चिह्नित स्थल के पूर्वी हिस्से में पक्की सड़क मौजूद है.
सड़क से सीधा जुड़ाव होने के कारण भविष्य में विद्यार्थियों, शोधार्थियों और आम लोगों को तारामंडल एवं शैक्षणिक केंद्र तक पहुंचने में सुविधा होने की उम्मीद है.
जमीन पर एक भवन सही, तीन जर्जर
अंचल प्रशासन की रिपोर्ट के अनुसार, चिह्नित भूमि पर वर्तमान में एक भवन सही स्थिति में है, जबकि तीन अन्य भवन जीर्ण-शीर्ण अवस्था में हैं.
स्थल मिलान और मापी का कार्य पूरा होने के बाद प्रशासन ने जमीन को प्रस्तावित परियोजना के लिए उपयुक्त माना है. आगे की प्रक्रिया सक्षम प्राधिकार की स्वीकृति के बाद शुरू होगी.
राजस्व विभाग की अनुमति के बाद होगा भूमि हस्तांतरण
भूमि हस्तांतरण को लेकर प्रशासनिक प्रक्रिया भी शुरू कर दी गयी है. रिपोर्ट में बिहार सरकार के राजस्व विभाग के पूर्व के संकल्प और अंतरविभागीय सरकारी भूमि हस्तांतरण से संबंधित प्रावधानों का उल्लेख किया गया है.
इसके अनुसार सक्षम प्राधिकार की स्वीकृति मिलने के बाद संबंधित विभाग के नाम सरकारी भूमि हस्तांतरित की जा सकेगी. अंचल अधिकारी ने अपनी अनुशंसा के साथ प्रस्ताव अपर समाहर्ता, मधुबनी को भेज दिया है. अपर समाहर्ता के माध्यम से आगे की प्रशासनिक कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है.
विद्यार्थियों को मिलेगा अंतरिक्ष विज्ञान की जानकारी का आधुनिक माध्यम
डिजिटल तारामंडल और स्पेस एंड एस्ट्रोनॉमी एजुकेशन सेंटर बनने के बाद विद्यार्थियों को अंतरिक्ष, ग्रहों, तारों और खगोलीय घटनाओं से जुड़ी जानकारी आधुनिक डिजिटल माध्यमों से मिल सकेगी.
परियोजना पूरी होने के बाद मधुबनी में विज्ञान शिक्षा का एक आधुनिक केंद्र विकसित होने की उम्मीद है. इसका लाभ जिले के साथ आसपास के क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी मिल सकता है.
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