Madhubani News: गुरु संत रविदास जी की 650वीं जयंती के अवसर पर मधुबनी जिले में ‘समरसता संकल्प अभियान’ के तहत अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के टोलों में रहने वाले पात्र लाभुकों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने की पहल की जा रही है. इसी क्रम में गुरुवार को जिले की 105 पंचायतों के महादलित टोलों में विकास शिविर आयोजित किए गए. शिविरों में संबंधित विभागों के पदाधिकारियों ने लोगों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी और पात्र लाभुकों से आवेदन प्राप्त किए.
10 प्रखंडों से विकास शिविर में मिले 1573 आवेदन
गुरुवार को आयोजित शिविरों के दौरान जिले के 10 प्रखंडों से कुल 1,573 आवेदन प्राप्त हुए. इनमें बिस्फी से 383, हरलाखी से 24, झंझारपुर से 242, लदनियां से 17, लखनौर से 291, लौकही से 77, मधेपुर से 116, मधवापुर से 133, पंडौल से 111 और फुलपरास से 179 आवेदन शामिल हैं. प्राप्त आवेदनों का संबंधित योजनाओं के प्रावधानों के अनुसार परीक्षण और निष्पादन किया जा रहा है.
राशन कार्ड से आधार तक 22 योजनाओं का मिलेगा लाभ
विकास शिविरों में सरकार की कुल 22 विशिष्ट योजनाओं से जुड़े आवेदन लेने और उनके निष्पादन की व्यवस्था की गई है. इनमें सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशन कार्ड, उज्ज्वला योजना, विद्यालय में दाखिला, आंगनबाड़ी, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र और आधार कार्ड निर्माण जैसी सेवाएं शामिल हैं.
पेंशन और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लिए भी आवेदन
शिविर में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, लक्ष्मीबाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन, मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना और दिव्यांग पेंशन जैसी योजनाओं के लिए भी आवेदन लिए जा रहे हैं. इसके अलावा राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ, मुख्यमंत्री परिवार लाभ, कबीर अंत्येष्टि अनुदान, मुख्यमंत्री कन्या विवाह, मुख्यमंत्री कन्या उत्थान, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और दिव्यांग कार्ड के लिए भी पात्र लोगों को आवेदन की सुविधा दी जा रही है.
15 फरवरी 2027 तक अलग-अलग टोलों में लगेंगे शिविर
जिले में 27 अगस्त 2026 से 15 फरवरी 2027 तक अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के टोलों में क्रमबद्ध तरीके से विकास शिविर आयोजित किए जाने की कार्ययोजना है. शिविरों की अगली तिथि 17 सितंबर निर्धारित की गई है. इन शिविरों का उद्देश्य सरकारी योजनाओं तक पात्र लाभुकों की पहुंच आसान बनाना है.
ऑन-द-स्पॉट निष्पादन पर प्रशासन का विशेष जोर
विकास शिविरों में आवेदन लेने के साथ-साथ पात्र मामलों का ऑन-द-स्पॉट निष्पादन करने का प्रयास किया जा रहा है. जिन मामलों का तत्काल निष्पादन संभव नहीं है, उनमें नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है. वहीं, पात्रता पूरी नहीं करने वाले आवेदनों अथवा किसी अन्य कारण से लाभ नहीं मिलने की स्थिति में आवेदकों को वस्तुस्थिति से अवगत कराया जा रहा है.
