Madhubani News: बरसात के मौसम में डेंगू और जलजनित बीमारियों की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने संयुक्त रणनीति तैयार की है. शुक्रवार को नगर आयुक्त उमेश कुमार भारती की अध्यक्षता में जिला समन्वय समिति की बैठक में डेंगू की रोकथाम, फॉगिंग, जांच, लार्वा नियंत्रण और जनजागरूकता अभियान को लेकर विस्तृत कार्ययोजना बनाई गई.
Dengue News: शहर और गांव के लिए अलग जिम्मेदारी तय
बैठक में निर्णय लिया गया कि शहरी क्षेत्रों में डेंगू पॉजिटिव मरीज मिलने पर उसके घर के 500 मीटर दायरे में नगर निगम फॉगिंग कराएगा, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग निभाएगा. इसके साथ ही एंटी-लार्वा छिड़काव और मच्छरों के प्रजनन स्थलों को नष्ट करने पर विशेष जोर दिया जाएगा.
एलिसा टेस्ट से ही होगी डेंगू की अंतिम पुष्टि
एसीएमओ डॉ. एसएन झा ने बताया कि निजी अस्पतालों में एनएस-1 किट से हुई जांच को अंतिम पुष्टि नहीं माना जाएगा. डेंगू की आधिकारिक पुष्टि केवल एलिसा टेस्ट से होगी. रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम मरीज के घर का सत्यापन करेगी और आसपास के क्षेत्र में आवश्यक कार्रवाई करेगी.
जागरूकता अभियान पर रहेगा विशेष फोकस
नगर आयुक्त उमेश कुमार भारती ने कहा कि डेंगू नियंत्रण के लिए आम लोगों की भागीदारी जरूरी है. इसके लिए माइकिंग, आईईसी सामग्री का वितरण और सामुदायिक स्तर पर व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा. वेक्टर नियंत्रण पदाधिकारी पुरुषोत्तम कुमार ने बताया कि वर्ष 2026 में अब तक जिले में डेंगू के दो मामले सामने आए हैं, जबकि 2025 में 81 और 2024 में 138 मरीज मिले थे.
यह भी पढ़ें: झंझारपुर में सड़क हादसे में पूर्वी चंपारण के युवक की मौत, पानी से भरे गड्ढे में गिरी बाइक
