हरलाखी. प्रखंड के विशौल गांव के वार्ड पांच में नलजल योजना की जलमीनार दो वर्षों से अधिक दिनों से क्षतिग्रस्त है. जलमीनार पर लटक रहे मलबा से लोगों में हमेशा खतरा बना रहता है. ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2024 के मार्च महीने में वार्ड पांच में बने जलमीनार अचानक धराशायी हो गया. हालांकि जलमीनार के आसपास लोग नहीं थे. जिसके कारण कोई हादसा नहीं हुआ. इस संबंध में वर्तमान वार्ड सदस्य धनिकलाल सहनी व वार्ड सचिव जय कृष्ण सहनी ने कहा कि जलमीनार धराशायी होने के बाद ही बीडीओ को आवेदन देकर जलमीनार पर लटक रहे भारी मलबा को हटवाने एवं नलजल योजना को सुचारू करवाने का गुहार किया गया. लेकिन एक वर्ष बीत जाने के बाद भी अभी तक न तो मलबा को हटाया गया और न ही नलजल शुरू हो सका. वही स्थानीय समाजसेवी रामस्नेही राउत ने कहा कि जलमीनार के उपर दो वर्षों से क्षतिग्रस्त मलबा लटक रहा है, जिससे कभी भी कोई घटना घट सकती है. उन्होंने कहा कि नलजल शुरू नहीं होने से गर्मी के दिनों में वार्ड के लोगों को काफी परेशानी होगी. कारण पिछले वर्ष भी वार्ड के अनेकों चापाकल सूख गये थे. बीडीओ रवि शंकर पटेल ने कहा कि पीएचईडी विभाग को समस्या के निदान के लिए कहा जा रहा है.
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