Madhubani News: जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने और सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार ने मंगलवार को विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों का औचक निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान बड़े पैमाने पर लापरवाही सामने आने पर पांच चिकित्सा पदाधिकारियों सहित सात स्वास्थ्यकर्मियों का वेतन तत्काल प्रभाव से रोकते हुए उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है.
इन स्वास्थ्य केंद्रों में मिली लापरवाही
सिविल सर्जन के अनुसार 4 अगस्त को किए गए निरीक्षण में निम्नलिखित स्वास्थ्य केंद्रों पर कर्मी बिना सूचना अनुपस्थित पाए गए।
अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सरिसब पाही (पंडौल)
- डॉ. अमित सौरभ (चिकित्सा पदाधिकारी) – 1 से 4 अगस्त तक बिना सूचना अनुपस्थित।
- रूपम कुमारी – 4 अगस्त को ड्यूटी से अनुपस्थित।
अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सिमरा (झंझारपुर)
- डॉ. संजय राय – 1 से 4 अगस्त तक बिना सूचना अनुपस्थित।
- डॉ. गौतम कुमार – 1 से 4 अगस्त तक बिना सूचना अनुपस्थित।
ट्रॉमा सेंटर, अररिया संग्राम (झंझारपुर)
- डॉ. कृष्णकांत करुणाकर – 4 अगस्त को अनुपस्थित।
- डॉ. मधुसूदन कुमार – 4 अगस्त को ड्यूटी से नदारद।
- एएनएम रंजु कुमारी – 2 से 4 अगस्त तक अनुपस्थित।
- नेत्र सहायक पूर्णेन्दु कुमार झा – 3 से 4 अगस्त तक अनुपस्थित।
तीन दिनों में देना होगा स्पष्टीकरण
सिविल सर्जन ने सभी संबंधित प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि अनुपस्थित डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी तीन दिनों के भीतर अपने प्रभारी के माध्यम से लिखित स्पष्टीकरण उपलब्ध कराएं.
संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर कटेगा वेतन
सीएस डॉ. हरेंद्र कुमार ने स्पष्ट किया कि यदि स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया तो अनुपस्थिति अवधि का वेतन स्थायी रूप से काट लिया जाएगा. साथ ही अगले आदेश तक सभी संबंधित कर्मियों का वेतन तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है.
उन्होंने कहा कि सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी और मरीजों के हितों से समझौता करने वाले कर्मियों के विरुद्ध आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.
