गर्मी से नहर, नदी, नाले और चापाकल भी सूखे

कई नदियां या तो सूख चुकी है या फिर सूखने के कगार पर पहुंच चुकी है.

बेनीपट्टी . अनुमंडल में लगातार गर्मी के बढ़ते तापमान से जनजीवन अस्त व्यस्त प्रतीत होने लगा है. करीब 40 डिग्री के पास पारा होने के कारण लोगों को शरीर झुलसने का एहसास हो रहा है. इन दिनों सुबह से ही तेज धूप और प्रचंड गर्मी से लोग अपने आप को असहज महसूस कर रहे हैं और जैसे-जैसे समय आगे बढ़ता जाता है वैसे-वैसे लोग बेचैनी की स्थिति से गुजरने लगते हैं. ऐसी स्थिति में खासकर बुजुर्गों और बच्चों के साथ महिलाओं की स्थिति और ही कष्टप्रद हो चुकी है. बढ़े हुए तापमान और कड़ी धूप के कारण पूरे दिन सड़कें सूनी दिखती हैं. वाहनों का भी आवागमन बेहद कम संख्या में देखने को मिलती है. ऐसी स्थिति में लोगों का झुंड हर एक पेड़ पौधे की छाया में स्वतः दिख जाती है और महिलाओं के हाथों में पंखे देखे जा सकते हैं. मजबूरी में बाहर निकलनेवाले लोग या तो छाता का सहारा लेकर या फिर कपड़े से चेहरा ढंककर ही बाहर निकलते हैं. दूसरी ओर कई नदियां या तो सूख चुकी है या फिर सूखने के कगार पर पहुंच चुकी है. प्रखंड क्षेत्रों में बहनेवाली अधवारा समूह की धौंस नदी का जलस्तर नगण्य हो चुका है तो थूमहानी नदी तो पूरी तरह ही सूखने के कगार पर पहुंच चुकी है. बछराजा और खिरोई नदी की भी कमोबेश यही स्थिति ह��. साहरघाट से होकर बहनेवाले कमला पकड़ी नहर पूरी तरह सूख चुकी है. लिहाजा पशु पक्षियों को भी अपनी प्यास बुझाने के लाले पड़ रहे हैं. वहीं बेनीपट्टी मुख्यालय बाजार, विभिन्न विद्यालयों व सरकारी कार्यालयों समेत कई सार्वजनिक जगहों पर लगे चापाकलों से बेहद ही कम मात्रा में पानी आने से राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. स्थिति यह है कि बेनीपट्टी अनुमंडल कार्यालय परिसर में ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यालय के पास लगा चापाकल सूखा पड़ा है तो प्रखंड के नगवास गांव में पीएचइडी विभाग से लगा चापाकल सूख चुका है. वहीं करही नगवास मुख्य सड़क किनारे लगे सार्वजनिक चापाकल भी महीनों पूर्व सूख चुका है और वहां काफी जंगलात भी उग आये हैं. समदा गांव में सामुदायिक भवन परिसर में संचालित पंचायत भवन के पास भी लगा चापाकल सूख चुका है. जलस्रोतों के जल स्तर में हो रही निरंतर गिरावट का असर सभी वर्गों के लोगों पर स्पष्ट तौर पर देखा जा सकता है. कुल मिलाकर गर्मी के बढ़ते प्रभाव से लोगों की दिनचर्या भी अस्त व्यस्त हो रही है. भीषण गर्मी के कारण छोटे-छोटे बच्चे भी बीमार हो रहे हैं. अस्पतालों में मरीजों की संख्या में इजाफा होते देखा जा रहा है. हालांकि नगर पंचायत कार्यालय द्वारा कुछेक सरकारी कार्यालयों में पानी का जार उपलब्ध कराकर राहत दिलाने का प्रयास किया जा रहा है.

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By Prabhat khabar news desk

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