Samastipur News: छपरा में विधि-व्यवस्था संधारण के दौरान दो बीडीओ के गंभीर रूप से घायल होने के बाद बिहार ग्रामीण विकास सेवा संघ ने राज्य सरकार से अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है. संघ के महासचिव लाल बाबू पासवान ने 26 जुलाई को मुख्य सचिव को पत्र भेजकर संवेदनशील ड्यूटी में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की है.
छपरा में ड्यूटी के दौरान घायल हुए दो बीडीओ
संघ के महासचिव लाल बाबू पासवान ने बताया कि 25 जुलाई को छपरा सदर के बीडीओ द्रष्टि पाठक और रिविलगंज के बीडीओ रितेश कुमार विधि-व्यवस्था की ड्यूटी के दौरान घायल हो गए. द्रष्टि पाठक का इलाज आईजीएमएस पटना में चल रहा है, जबकि रितेश कुमार का इलाज मेदांता अस्पताल में कराया जा रहा है.
पर्याप्त सुरक्षा के बिना ड्यूटी भेजने का आरोप
ग्रामीण विकास सेवा संघ ने आरोप लगाया कि दोनों बीडीओ को पर्याप्त सुरक्षात्मक उपकरण और पुलिस बल उपलब्ध कराए बिना जोखिमपूर्ण स्थल पर ड्यूटी के लिए भेजा गया. संघ का कहना है कि विधि-व्यवस्था की संवेदनशील ड्यूटी के दौरान अधिकारियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए.
बॉडी प्रोटेक्टर और सुरक्षा उपकरण देने की मांग
संघ ने सरकार से सभी बीडीओ को आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने की मांग की है. इसमें मुख्य रूप से बॉडी प्रोटेक्टर, राइट हेलमेट, शील्ड और लेग गार्ड उपलब्ध कराने की मांग शामिल है.
इसके अलावा संघ ने प्रत्येक बीडीओ के साथ कम से कम दो प्रशिक्षित सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की मांग की है, ताकि संवेदनशील परिस्थितियों में अधिकारी सुरक्षित तरीके से अपनी जिम्मेदारी निभा सकें.
घायल होने पर सरकारी खर्च पर इलाज की मांग
ग्रामीण विकास सेवा संघ ने ड्यूटी के दौरान घायल होने वाले बीडीओ के लिए उच्च स्तरीय अस्पताल में पूर्ण सरकारी खर्च पर इलाज की व्यवस्था करने की मांग की है. वहीं ड्यूटी के दौरान किसी बीडीओ की मृत्यु होने की स्थिति में विशेष क्षतिपूर्ति और बीमा की नीति बनाने की मांग भी की गयी है.
संवेदनशील ड्यूटी से पहले पर्याप्त पुलिस बल की मांग
संघ ने कहा कि किसी भी संवेदनशील क्षेत्र में बीडीओ की तैनाती से पहले पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की व्यवस्था होनी चाहिए. इससे विधि-व्यवस्था की ड्यूटी के दौरान अधिकारियों को सुरक्षा मिल सकेगी और वे बिना अतिरिक्त जोखिम के अपनी जिम्मेदारी निभा सकेंगे.
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