Bihar News: मधुबनी जिले के बेनीपट्टी अंचल कार्यालय में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 10 हजार रुपये रिश्वत लेते क्लर्क साकेत कुमार और एक बिचौलिये को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया. जानकारी के अनुसार, जमीन से अतिक्रमण हटवाने के एवज में क्लर्क ने दहिला गांव निवासी रवींद्र यादव से 30 हजार रुपये की मांग की थी, जिसे बाद में घटाकर 15 हजार कर दिया गया. तय योजना के तहत बुधवार दोपहर करीब 12 बजे जैसे ही आवेदक ने 10 हजार रुपये अग्रिम दिए, पहले से जाल बिछाए निगरानी टीम ने दोनों आरोपियों को मौके पर ही दबोच लिया.
इस खबर में अभी इतनी ही जानकारी है. अब मधुबनी की दूसरी खबरों पर नजर डालते हैं…
बीते महीने मधुबनी से एक बड़ी खबर सामने आई थी, जहां आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने बिजली विभाग के एग्जक्यूटिव इंजीनियर मनोज कुमार रजक के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की थी. टीम ने एक साथ उनके 7 ठिकानों पर छापेमारी की. EOU की 6 टीमों ने मधुबनी, दरभंगा, सुपौल (निर्मली और करजाइन) और पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में एक साथ रेड की. इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया था.
8 घंटे चली छापेमारी, करोड़ों के कागजात बरामद
करीब 8 घंटे तक चली छापेमारी में बड़ी मात्रा में संपत्ति से जुड़े दस्तावेज मिले थे. शुरुआती जांच में करीब 100 करोड़ रुपये की संपत्ति का खुलासा हुआ. मनोज कुमार रजक ने 2009 में असिस्टेंट इंजीनियर के रूप में नौकरी शुरू की थी. घटना के वक्त तक वह नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड में एग्जक्यूटिव इंजीनियर के रूप में कार्यरत थे. पिछले दो वर्षों से उनकी पोस्टिंग मधुबनी के जयनगर में थी.
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