मधुबनी कोर्ट ने हत्यारे को सुनाई आजीवन कारावास की सजा, फायरिंग में दो की हुई थी मौत

मधुबनी जिले में जमीन विवाद के चलते दो लोगों की हत्या और तीन को घायल करने के सनसनीखेज मामले में अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है. मुख्य आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है. इस फैसले से पीड़ित परिवार को राहत मिली है.

Madhubani Double Murder: मधुबनी जिले के फुलपरास थाना क्षेत्र अंतर्गत जमीन विवाद में दो लोगों की गोली मारकर हत्या करने और तीन अन्य को गंभीर रूप से घायल करने के सनसनीखेज मामले में अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है. जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय झंझारपुर अनिल कुमार राम की अदालत ने बुधवार को सत्रवाद संख्या 212/2024 (फुलपरास थाना कांड संख्या 49/2024) में सुनवाई पूरी करते हुए मुख्य अभियुक्त को उम्रकैद की सजा सुनाई. अदालत के इस फैसले से पीड़ित पक्ष ने राहत की सांस ली है.

Land Dispute: आजीवन कारावास और 50 हजार का जुर्माना

न्यायालय ने सुदई गांव निवासी स्वर्गीय ब्रजकिशोर झा के पुत्र अभियुक्त संजय कुमार झा को भादवि की धारा 302 और 307 के तहत दोषी करार दिया. अदालत ने धारा 302 में दोषी को आजीवन कारावास और 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई, अर्थदंड न भरने पर नौ माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा. वहीं धारा 307 के तहत पांच वर्ष की सजा और 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया, जिसे न चुकाने पर तीन माह की अतिरिक्त जेल होगी. अदालत ने स्पष्ट किया कि दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी.

खूंटा गाड़ने के विवाद में चलाई थी अंधाधुंध गोली

अपर लोक अभियोजक देवशंकर झा ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि यह वाद सूचिका अंजू देवी उर्फ अंजू झा द्वारा 7 फरवरी 2024 को फुलपरास थाने में दर्ज कराया गया था. दर्ज प्राथमिकी के अनुसार संजय कुमार झा जबरन डेढ़ बीता आगे बढ़ाकर उनकी निजी जमीन में खूंटा गाड़ रहा था. जब परिजनों ने इस अवैध कब्जे का शांतिपूर्ण विरोध किया, तो उसने अचानक पिस्तौल निकालकर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी. इस गोलीबारी में अशोक झा और विमला देवी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि शंभू नाथ झा, बमबम झा और राकेश कुमार पासवान गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे.

झंझारपुर कोर्ट | Prabhat Khabar Network

पीड़िता को मुआवजा देने का आदेश

न्यायालय ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए) मधुबनी के सचिव को मृतक अशोक झा की पत्नी अंजू देवी को 'बिहार विक्टिम कंपनसेशन स्कीम 2014' के तहत उचित मुआवजा राशि प्रदान करने का भी निर्देश दिया है. इस मुकदमे में बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता परशुराम मिश्रा ने पैरवी की, जबकि सूचिका पक्ष के अधिवक्ता लक्ष्मेश्वर सिंह ने इसे सत्य और न्याय की बड़ी जीत बताया

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लेखक के बारे में

By संजय कुमार

संजय कुमार प्रिंट माध्यम में 15 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. झंझारपुर (मधुबनी) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक कार्यों, शिक्षा, राजनीति व खेल में रुचि रखते हैं.

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