Madhubani News : सम्मेलन में मैथिली भाषा, सभ्यता और संस्कृति की दिखी झलक

मिथिला हाट अररिया संग्राम में सखी बहिनपा मैथिलानी समूह का चौथा अंतरराष्ट्रीय मिथिला सांस्कृतिक महासम्मेलन संपन्न हुआ.

लखनौर/झंझारपुर. थिला हाट अररिया संग्राम में सखी बहिनपा मैथिलानी समूह का चौथा अंतरराष्ट्रीय मिथिला सांस्कृतिक महासम्मेलन संपन्न हुआ. इसमें मैथिली भाषा, सभ्यता और संस्कृति के पुनर्जागरण की सशक्त झलक शनिवार को देखने को मिली. इस वर्ष सम्मेलन की टैगलाइन “गाम बजा रहल अछि” रही. जिसने अपनी जड़ों की ओर लौटने और मिथिला की आत्मा से जुड़ने का संदेश दिया. सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य प्रवास की मजबूरी के कारण अपनी भाषा, संस्कृति और भूमि से दूर होते जा रहे मैथिल समाज को फिर से मिथिला की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना रहा. दो दिवसीय इस आयोजन के पहले दिन कैलेंडर विमोचन के साथ झिझिया नृत्य, मैथिली नृत्य-नाटिका, पारंपरिक लोकगीत-नाद, नुक्कड़ नाटक तथा नन्हे बच्चों के लिए अरिपन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. इन प्रस्तुतियों ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया. मिथिला की लोक संस्कृति की जीवंत छवि प्रस्तुत की. रविवार 21 दिसंबर को मिथिला के पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से “मिथिला भ्रमण” कार्यक्रम प्रस्तावित है. जिसके माध्यम से मिथिला की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और पर्यटन संभावनाओं को व्यापक स्तर पर प्रदर्शित किया जाएगा. इस अवसर पर मधुबनी विधानसभा क्षेत्र के विधायक माधव आनंद ने कहा कि सखी बहिनपा की ओर से भाषा और संस्कृति के संरक्षण-संवर्धन के लिए किए जा रहे प्रयास समाज पर दूरगामी और निर्णायक प्रभाव डाल रहे हैं. उन्होंने इसे मिथिला के सांस्कृतिक पुनरुत्थान की दिशा में एक सशक्त और प्रेरणादायी पहल बतायी. कार्यक्रम में देश-विदेश से आई सखियों, संस्था के पदाधिकारियों के साथ-साथ स्थानीय जनप्रतिनिधि, बुद्धिजीवी, अधिकारी और पत्रकार बड़ी संख्या में उपस्थित रहे. संस्था की संस्थापिका आरती झा और उपाध्यक्ष छाया झा ने सक्रिय भूमिका निभाने वाली सखियों को सम्मानित किया. मधुबनी प्रभारी छाया मिश्रा ने कहा कि आरती झा निरंतर मिथिला के पुनरुत्थान के लिए अपनी जड़ों की ओर लौटने की आवश्यकता पर बल देती रही हैं. उल्लेखनीय है कि सखी बहिनपा देश-विदेश में फैली 40 हजार से अधिक मैथिलानियों का सशक्त संगठन है. जिसकी विश्वभर में लगभग 170 इकाइयां सक्रिय हैं. यह संगठन व्यावहारिक स्तर पर मैथिली भाषा-संस्कृति के संरक्षण के साथ-साथ समाजोपयोगी कार्यों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By GAJENDRA KUMAR

GAJENDRA KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >