जले मरीज के इलाज की व्यवस्था नहीं

सदर अस्पताल. प्राथमिक उपचार तक ही सिमटी िचकित्सा मधुबनी : जिले में आग व अन्य दुर्घटना में जले मरीजों के इलाज का कोई इंतजाम नहीं है. पीएचसी की बात कौन करे, मॉडल दर्जा प्राप्त सदर अस्पताल में भी ऐसे मरीजों के इलाज के नाम पर प्राथमिक उपचार भर है. प्राथमिक उपचार कर मरीजों को तत्काल […]

सदर अस्पताल. प्राथमिक उपचार तक ही सिमटी िचकित्सा

मधुबनी : जिले में आग व अन्य दुर्घटना में जले मरीजों के इलाज का कोई इंतजाम नहीं है. पीएचसी की बात कौन करे, मॉडल दर्जा प्राप्त सदर अस्पताल में भी ऐसे मरीजों के इलाज के नाम पर प्राथमिक उपचार भर है. प्राथमिक उपचार कर मरीजों को तत्काल डीएमसीएच रेफर कर दिया जा रहा है. हालत यह है कि न तो बर्न विशेषज्ञ कोई चिकित्सक, न वार्ड और न ही अन्य सुविधाएं हैं. हालांकि इसकी जानकारी खुद सीएस ने भी विभाग व अधिकारियों को लिखित रूप में दे दी है.
हर माह औसतन 20 झुलसे मरीज आते हैं . महीने में औसतन 20-25 बर्न मरीज सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में पंजीकृत होते हैं. इनमें महिलाओं की संख्या सबसे अधिक होती है. इन महिला मरीजों में अधिकतर मामले ससुराल वालों के द्वारा जलाने का होता है. इन बर्न मरीजों को सामान्य महिला वार्ड में ही रखा जाता है. इस माह में 13 से 25 फरवरी तक सात बर्न मरीज पंजीकृत किये गये हैं. इनमें कई मरीज लगभग एक सप्ताह से 10 दिनों तक इलाजरत रहे हैं और सुविधाओं के अभाव में पुन: उन्हें बेहतर उपचार के लिए रेफर कर दिया जाता है.
बीते दो माह में करीब 50 से अधिक जले हुए मरीज अस्पताल में भर्ती हुए, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद डीएमसीएच रेफर कर दिया गया. इधर, इमरजेंसी वार्ड के डा. विजय कुमार झा ने बताया कि बर्न वार्ड नहीं रहने से बर्न मरीज को सामान्य वार्ड में ही रखा जाता है. जिससे अन्य मरीजों के संक्रमण का खतरा बढ़ जाता हैं.
जिला अस्पताल का आइसोलेशन वार्ड केवल नाम का. सदर अस्पताल में वर्षों पूर्व बर्न वार्ड बनाया गया था. लेकिन विडंबना है कि बर्न वार्ड का केवल नाम ही रहा. जहां किसी भी प्रकार की कोई सुविधा मरीजों को मयस्सर नहीं हो पायी. महीनों पूर्व उसे आइसोलेशन वार्ड बनाया गया, लेकिन उसे सुविधा युक्त नहीं बनाया जा सका.
माह बर्न मरीज
फरवरी 07
15.02.17 रेखा देवी 25 वर्ष, पति मंटूलाल – बासोपट्टी
17.02.17 उदय देवी 60 वर्ष, पति रामनारायण – मधुबनी
23.02.17 सोधनी देवी 62 वर्ष ढ़ंगा
14.02.17 प्रेम कला देवी 55 वर्ष -डीएमसीएच रेफर
24.02.17 सती देवी मोगलाहा बाबूबरही
25.02.17 मधु देवी 28 वर्ष दुलारपुर
नहीं होता है मरीजों का इलाज
शहर मुख्यालय स्थित पोस्टऑफिस के निकट कॉलोनी में बीते छह फरवरी की रात गैस सिलिंडर फटने से घर में आग लग गयी. जिसमें दो महिला सहित तीन लोग गंभीर रूप से झुलस गये. तीनों को तत्काल सदर अस्पताल में लोगों ने इस उम्मीद से भर्ती कराया कि इन लोगों का समय से इलाज हो सकेगा. पीड़ित परिवार मरीजों को लेकर सदर अस्पताल आये, तो यहां की व्यवस्था देख एक तो खुद ही यहां से जल्द ही किसी दूसरे जगह इलाज को जाने को बेचैन दिखे. दूसरा, खुद सदर अस्पताल प्रशासन भी इन मरीजों को जल्द ही यहां से रेफर करने को आतुर था. हुआ भी वही. घायल मरीजों को प्राथमिक उपचार कर डीएमसीएच रेफर कर दिया गया. जहां आज तक गंभीर रूप से घायल महिला का इलाज चल रहा है.

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