परिवहन विभाग में पानी की किल्लत

समस्या. खरीद कर पानी पीने की मजबूरी मधुबनी : गर्मी ने दस्तक देना शुरू कर दिया है. दिन में अब तेज धूप निकलने लगी है. हर ओर पेयजल की व्यवस्था करने पर जोर दिया जा रहा है. पर सरकारी कार्यालयों में पानी की कोई व्यवस्था नहीं दिख रही है, जबकि लोक संवेदना के तहत हर […]

समस्या. खरीद कर पानी पीने की मजबूरी

मधुबनी : गर्मी ने दस्तक देना शुरू कर दिया है. दिन में अब तेज धूप निकलने लगी है. हर ओर पेयजल की व्यवस्था करने पर जोर दिया जा रहा है. पर सरकारी कार्यालयों में पानी की कोई व्यवस्था नहीं दिख रही है, जबकि लोक संवेदना के तहत हर सरकारी कार्यालयों में आने वाले लोगों को प्रशासन के तरफ दी जानेवाली सुविधा में पानी की समुचित व्यवस्था भी करना है. अन्य कार्यालयों की बात तो दूर समाहरणालय में भी पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं है. इस परिसर में 42 विभागीय अधिकारी, कर्मी व आम लोगों का हर दिन आना जाना लगा रहता है. प्रभात खबर ने पड़ताल के दौरान समाहरणालय व परिवहन विभाग में पेयजल की स्थिति का जायजा लिया.
एक चापाकल, वह भी बंद . समाहरणालय के सामने अवस्थित नगर भवन में तीन कार्यालय कार्यरत है. अग्निशमन विभाग, दूरदर्शन कार्यालय एवं परिवहन विभाग. परिवहन विभाग में जिला एवं जिला के विभिन्न प्रखंडों एवं राज्य के अन्य जिलों से आने वाले लोगों की संख्या सैकड़ों में होती है. किसी को लाइसेंस बनाना होता है, कोई गाड़ी के रजिस्ट्रेशन के लिए आता तो अन्य जिलों से ऐसे लोग पहुंचते हैं जिनकी गाड़ी विभाग द्वारा जांच के क्रम में पकड़ी जाती है. कार्यालय में आनेवाले लोगों को पीने के पानी की व्यवस्था नगर भवन परिसर में कहीं नहीं है. एक चापाकल है भी वह खराब पड़ा है.
परिसर में नहीं है पानी की व्यवस्था
शनिवार को भी कई लोग काम से आये थे. परिवहन कार्यालय में कई ऐसे लोग मिले जिन्हें पानी की किल्लत से जूझना पड़ा. परिवहन कार्यालय के बाहर लगे काउंटर पर रुपये जमा करने के लिए लाइन में लगे राजेश पासवान ने बताया कि कार्यालय एवं इस परिसर में कहीं भी पानी की व्यवस्था नहीं है. इस कारण बाहर की दुकान से बोतल का पानी 20 रुपये में खरीदना पड़ा है. कुछ यही शिकायत फुलपरास के सुनील कुमार, झंझारपुर के मोहन भगत, मधवापुर के सुजीत झा एवं सकरी के सिकंदर कुमार ने कहा सभी लोगों की एक ही शिकायत था कि पानी नहीं रहने के कारण दुकान से पानी खरीदना पड़ रहा है.
घर से पानी लेकर आते हैं कर्मी. कमोवेश यही हाल समाहरणालय का भी है. यहां पर काम करने व काम से आनेवाले लोगों की संख्या हर दिन सैकड़ों में होती है. 42 विभाग इस परिसर में हैं. पर यहां पेयजल के लिए मात्र दो चापाकल हैं. ऐसे में दो चापाकल से ही लोग पानी लेकर प्यास बुझाते है. यहां ग्लास अथवा कोई अन्य वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है. जिससे लोग प्यास बुझा सकें. कार्यालय के कर्मी अपने साथ घर से बोतल लेकर आते हैं.
पूरे परिसर में उपरी तत्ला पर एक मात्र आरओ लगा है. जहां से कुछ कर्मी पानी लेते हैं.
पिछले दो दिनों से ही चापाकल खराब हुआ है. नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी को इसकी जानकारी दी गयी है. शीघ्र ठीक कराने का आश्वासन उन्होंने दिया है.
सुजीत कुमार, परिवहन पदाधिकारी

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