दक्षिण अफ्रीका के विशेषज्ञ ने छिड़काव के दिये टिप्स

मधुबनी : कालाजार को समूल नष्ट करने की सरकारी कवायद तेज कर दी गयी है. इसके तहत कालाजार छिड़काव के लिए विशेषज्ञों द्वारा आधुनिक तरीके से प्रशिक्षण दिया जा रहा है. इस क्रम में दक्षिण अफ्रिका से आये कालाजार विशेषज्ञ डायरल पॉप द्वारा सदर अस्पताल के सभा कक्ष में पांच दिवसीय कालाजार छिड़काव का प्रशिक्षण […]

मधुबनी : कालाजार को समूल नष्ट करने की सरकारी कवायद तेज कर दी गयी है. इसके तहत कालाजार छिड़काव के लिए विशेषज्ञों द्वारा आधुनिक तरीके से प्रशिक्षण दिया जा रहा है. इस क्रम में दक्षिण अफ्रिका से आये कालाजार विशेषज्ञ डायरल पॉप द्वारा सदर अस्पताल के सभा कक्ष में पांच दिवसीय कालाजार छिड़काव का प्रशिक्षण दिया गया. प्रशिक्षण में वीबीडीसी, डीपीओ, केटीएस, बीसी व एसएफडब्लू को छिड़काव का प्रशिक्षण दिया गया.

तीन जिलों के प्रशिक्षणार्थी को दिया गया प्रशिक्षण. कालाजार दवा छिड़काव के लिए दक्षिण अफ्रिका के कालाजार विशेषज्ञ डायरल पॉप द्वारा मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर के वेक्टर बोर्न डिजीज कंसलटेंट, डीपीओ, केटीएस, बीसी व एसएफडब्लू के 15 सदस्यों को दवा छिड़काव का प्रशिक्षण बुधवार को दिया गया. वेक्टर जनित रोग सलाहकार नीरज कुमार सिंह ने बताया कि ये सभी प्रशिक्षणार्थी प्रशिक्षण लेकर आगामी होने वाले दवा छिड़काव कार्यक्रम से पूर्व कर्मियों को प्रशिक्षण देंगे. ताकि आधुनिक तरीके से दवा का छिड़काव किया जा सके. और कालाजार जैसे खतरनाक बीमारी से जिला को मुक्त किया जा सके.
जिले में प्रतिवर्ष कम हो रहे कालाजार मरीज. कालाजार विभाग से मिली जानकारी के अनुसार विगत चार वर्षों में कालाजार मरीजों की संख्या में प्रतिवर्ष कमी दर्ज की जा रही है. वर्ष 2013 में जहां जिले में कालाजार का 321 मरीज चिह्नित किया गया था. वर्ष 2014 में 239, वर्ष 2015 में 187, वर्ष 2016 में 108 जबकि वर्ष 2017 के जनवरी तक महज 6 कालाजार रोगी की पहचान हुई है.
फायदेमंद होगा छिड़काव का आधुनिक तरीका. वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डाॅ सीके सिंह ने बताया कि कालाजार के दवा छिड़काव का आधुनिक तरीका काफी फायदेमंद साबित होगा. और जिला आगामी वर्षों में कालाजार पर नियंत्रण पाने में भी सक्ष्म हो सकेगा.

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