बस की जांच के बाद एमवीआइ ने किया खुलासा
मधुबनी : बसैठ बस हादसा पूरी तरह चालक की लापरवाही के कारण हुई है. इसका खुलासा डीटीओ व एमवीआइ ने मंगलवार को दुर्घटनाग्रस्त बस की जांच के बाद किया है. एमवीआइ सुनील कुमार ने बताया कि बस की जांच के बाद यह बात सामने आयी है कि ना तो बस की स्टेयरिंग फेल थी और ना
चालक की लापरवाही…
ही ब्रेक. बस में कोई तकनीकी खराबी भी नहीं थी. ऐसे में यह अफवाह फैलाना कि बस की स्टेयरिंग फेल हो गयी थी या ब्रेक फेल था, यह गलत है.
उन्होंने कहा कि जिस जगह पर बस दुर्घटनाग्रस्त हुई है वहां पर सड़क भी काफी चौड़ी है. ऐसे में चालक की लापरवाही के कारण ही हादसा हुआ है.
नहीं हुआ था बस का ब्रेक या स्टेयरिंग फेल
एमवीआइ व डीटीओ ने की बस की जांच
परमिट के अनुसार ही चल रही थी बस
मधुबनी से जाले तक था परमिट. दुर्घटनाग्रस्त सागर बस की खरीदारी 2009 में की गयी थी. परमिट मधुबनी से जाले तक का था. एमवीआइ ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि बस परमिट के अनुसार ही चल रही थी. बस के खरीद हुए छह साल 11 माह हुए हैं. जिसका परमिट वर्ष 2020 तक का है. एमवीआइ की मानें, तो यह बस मधुबनी-बेनीपट्टी -बसैठ होते हुए पुपरी से पहले घोघरचट्टी मोड़ के रास्ते जाले जाती थी. यह सीतामढ़ी तक नहीं जाती थी. बस जिस दिन दुर्घटनाग्रस्त हुई, उस दिन भी यह जाले ही जा रही थी. लेकिन, चालक ने पुपरी तक के कई यात्रियों को बस में बिठा लिया था.
