घटना के समय तेज थी बस की गति पानी की निकासी का काम बंद

बेनीपट्टी/बसैठ : हादसे के बाद प्रशासन द्वारा तालाब से पानी निकासी किये जाने का काम एक दिन बाद ही बंद कर दिया गया. मंगलवार के दिन भर पानी निकासी का काम दो पंपिंग सेट के जरिये किया गया. देर रात तक पानी निकासी की गयी. पर रात में बारिश हो जाने के बाद एक ओर […]

बेनीपट्टी/बसैठ : हादसे के बाद प्रशासन द्वारा तालाब से पानी निकासी किये जाने का काम एक दिन बाद ही बंद कर दिया गया. मंगलवार के दिन भर पानी निकासी का काम दो पंपिंग सेट के जरिये किया गया. देर रात तक पानी निकासी की गयी. पर रात में बारिश हो जाने के बाद एक ओर जहां काम बंद कर दिया गया वहीं दिन भर निकाले गये पानी से अधिक बारिश का पानी तालाब में जमा हो गया.

जिसे देखते हुए प्रशासन ने पानी निकासी पर रोक लगा दी है. इधर, घटना के दो दिन बाद भी आस पास के लोगों की भीड़ तालाब के पास जमा हो रही थी. लोगों के बीच कई प्रकार की चर्चाएं, घटना को लेकर तरह तरह की बातें हो रही थी. कोई मनहूस तालाब को कोस रहा था तो कोई चालक को. हालांकि अब तक घटना स्थल पर पुलिस की तैनाती की गयी है. ऐसे में अब पानी में लाश दबे होने की संभावना पर पर्दा ही रहेगा.
आठ यात्रियों के बचने की संभावना जता रहा प्रशासन
घटना के बाद जिला प्रशासन ने इस हादसे के दौरान 30 से 32 यात्रियों के ही सवार होने का दावा करता रहा है. वहीं हादसे में 23 यात्रियों के मरने व करीब आठ से नौ यात्रियों के बाल- बाल बचने की संभावना जिला प्रशासन ने व्यक्त की है. पर अब इस संभावना व दावे पर जीतू के बयान से सवालिया निशान लग गया है. जीतू के अनुसार यदि बस में 40 से 45 यात्री सवार थे और 23 लोगों की मौत हो गयी तो कम से कम 20 यात्रियों के बचे होने की उम्मीद है.

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