मधुबनी : जिले के एचआइवी संक्रमित व्यक्तियों को एआरडी केंद्र पर दवा लेने आने जाने वाले को सरकार द्वारा प्रतिमाह सौ रुपये यात्रा अनुदान मिलेगा. इसके अंतर्गत एआरटी केंद्र में पंजीकृत एआरवी दवा लेने तथा प्रत्येक छह माह पर सीडी-4 जांच कराने के लिए एआरटी केंद्र आने वाले व्यक्तियों को यात्रा अनुदान दिया जायेगा.
एचआइवी संक्रमित को मिलेगा 100 यात्रा भत्ता
मधुबनी : जिले के एचआइवी संक्रमित व्यक्तियों को एआरडी केंद्र पर दवा लेने आने जाने वाले को सरकार द्वारा प्रतिमाह सौ रुपये यात्रा अनुदान मिलेगा. इसके अंतर्गत एआरटी केंद्र में पंजीकृत एआरवी दवा लेने तथा प्रत्येक छह माह पर सीडी-4 जांच कराने के लिए एआरटी केंद्र आने वाले व्यक्तियों को यात्रा अनुदान दिया जायेगा. दो […]

दो हजार आठ सौ हैं दवा लेने वाले: जिले में एंटी रेट्रो वायरल दवा का सेवन करने वाले एचआइवी संक्रमितों की संख्या दो हजार आठ सौ है. जिसमें सुपौल व मधेपुरा जिला के संक्रमित व्यक्ति भी शामिल है. प्रत्येक को 100 रुपया दिया जायेगा.
सीडी-4 जांच के संक्रमित :जिले के सीडी-4 जांच के लिए 4200 एचआइवी संक्रमित व्यक्ति है. जिसमें सुपौल व मधेपुरा जिला भी शामिल है. सीडी-4 जांच के लिए संक्रमितों को प्रत्येक छह माह पर एआरटी सेंटर आना है. जिसके लिए संक्रमितों को प्रत्येक छह माह पर 100 रुपये यात्रा अनुदान दिया जायेगा.
प्रतिवर्ष खर्च होंगे तीन लाख 60 हजार रुपया: एआरवी सेंटर पर आने वाले एचआइवी संक्रमितों के यात्रा अनुदान पर प्रतिमाह 2 लाख 80 हजार रुपये खर्च होगा. जबकि प्रतिवर्ष
इस पर 3 लाख 60 हजार रुपये राशि व्यय होगा.
वहीं सीडी-4 जांच के मरीजों पर 8 लाख 40 हजार रुपये का व्यय प्रतिवर्ष होगा. उक्त जानकारी जिला डाटा प्रबंधक सह समन्वयक अभिषेक त्रिवेदी ने दी.
समय पर दवा लेकर ले सकते हैं स्वास्थ्य लाभ
सिविल सर्जन डा. अमरनाथ झा ने बताया कि जैसे-जैसे एड्स की अवस्था करीब आती-जाती है. वैसे-वैसे बीमारी की अवधि एवं गंभीरता बढ़ जाती है. आर्थिक तंगी के कारण वे समय पर एआरटी केंद्र नहीं पहुंच पाते है. लिहाजा सरकार ने एचआइवी संक्रमित व्यक्तियों को समय पर बेहतर सुविधाओं से लाभान्वित होकर लंबा जीवन व्यतीत करने के लिए यात्रा अनुदान स्वीकृत किया गया है. इससे संक्रमित व्यक्ति समय पर केंद्र पर पहुंचकर स्वास्थ्य लाभ ले सकते है.