तीन माह में 23 मामलों का नहीं हो सका निबटारा

व्यवस्था. 2037 मामलों में 1146 का निष्पादन, 872 लंबित मधुबनी : जिला लोक शिकायत निवारण अधिनियम के पांच सितंबर को तीन माह पूरे हो गये हैं. इस तीन माह में आये मामलों का व्यापक तौर पर सुनवाई करते हुए मामलों का निष्पादन किया जा रहा है. तीन माह में मात्र 23 ऐसे मामले हैं जिनका […]

व्यवस्था. 2037 मामलों में 1146 का निष्पादन, 872 लंबित

मधुबनी : जिला लोक शिकायत निवारण अधिनियम के पांच सितंबर को तीन माह पूरे हो गये हैं. इस तीन माह में आये मामलों का व्यापक तौर पर सुनवाई करते हुए मामलों का निष्पादन किया जा रहा है. तीन माह में मात्र 23 ऐसे मामले हैं जिनका निष्पादन संबंधित विभागों के द्वारा नहीं किया जा सका है. सबसे अधिक मामले अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण कार्यालय है.
तीन माह में 2068 आवेदन
जिला लोक शिकायत निवारण अधिनियम के तहत पिछले तीन माह में 2068 आवेदन आये. जिसमें से 2037 मामले इस अधिनियम के तहत सुनवाई के लिए स्वीकृत किये गये. बांकी बचे मामले इस अधिनियम के तहत नहीं पाये गये. जानकारी के अनुसार चार मामलों की सुनवाई लोक शिकायत निवारण अधिनियम के तहत नहीं आते हैं.
ये हैं आरटीआई से संबंधित मामले, सेवांत लाभ या सेवा में रहते हुए लाभ संबंधित मामले, न्यायालय से जुड़े मामले एवं आरटीपीएस से संबंधित मामले इस अधिनियम के तहत नहीं आते हैं.
1146 मामले का निष्पादन
लोक शिकायत निवारण अधिनियम के तहत आये मामलों में 1146 मामलों का निष्पादन कर दिया गया है. सबसे अधिक निष्पादित मामलों की संख्या अनुमंडलीय कार्यालय मधुबनी की है. दूसरे नंबर पर लोक शिकायत निवारण कार्यालय जयनगर का है. सबसे कम मामलों का निष्पादन झंझारपुर अनुमंडलीय कार्यालय का रहा. यहां के कुल आये 274 मामलों में से मात्र 601 मामलों का निष्पादन ही हो सका.
872 का होना है निष्पादन
872 मामलों का निष्पादन अभी नहीं हो सका है. हालांकि इन मामलों के सुनवाई का समय अभी समाप्त नहीं हुई है. 60 दिनों के अंदर मामलों की सुनवाई की जानी है. ये मामले अभी 60 दिन के अंदर के ही है. वहीं 23 मामले ऐसे हैं जिसका निर्धारित समय सीमा समाप्त हो गया है.
चार तरह के मामलों का िनबटारा नहीं
काउंटर खुलने का इंतजार करते लोग
निष्पादित मामले
मधुबनी 441 324
सदर 547 378
फुलपरास 250 153
झंझारपुर 274 60
बेनीपट्टी 275 121
जयनगर 281 110
समय सीमा में हो रहा मामले का निष्पादन
समय सीमा के अंदर मामलों का निष्पादन किया जा रहा है. इससे लोगों को काफी सहूलियत हो रही है.
ऋषिकेश शर्मा, जिला प्रभारी अपर समाहर्ता

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