लापरवाही. जन्म से कम है मौत का आंकड़ा
िजले में 80000 बच्चों के जन्म का िनबंधन कराया गया. जबकि मृत्यु का रजिस्ट्रेशन कराने के प्रति िजले के लोगों में रुचि नहीं है. अभी तक केवल 2500 लोगों ने ही मृत्यु का िनबंधन कराया है.
मधुबनी : वित्तीय वर्ष 15-16 में जिले में करीब 80 हजार बच्चों का जन्म हुआ है. जबकि मौत का आंकड़ा काफी कम है. वित्तीय वर्ष 15-16 में करीब 2500 लोगों के ही मरने की जानकारी सरकारी स्तर पर है. जिला सांख्यिकी विभाग से मिली जानकारी के अनुसार विभिन्न माध्यमों से किये जा रहे जन्म मृत्यु पंजीकरण के तहत इस साल जिले में करीब 80 हजार बच्चों के जन्म का पंजीकरण किया गया है. जबकि मात्र दो हजार से 2500 के करीब ही मौत का पंजीकरण किया गया है.
आंगनबाड़ी सेविका आगे
जन्म का पंजीकरण करने में जिले मे सबसे अव्वल जिले के आंगनबाड़ी केंद्र रहे हैं. विभाग से मिली जानकारी के अनुसार आंगनबाड़ी सेविका व सदर अस्पताल में सबसे अधिक जन्म का पंजीकरण कर विभाग को उपलब्ध कराया जा रहा है. जबकि सबसे खराब स्थिति पंचायत सचिवों द्वारा बरती जा रही है.
विभाग से मिली जानकारी के अनुसार पंचायत स्तर पर व्यापक तौर पर लापरवाही बरती जा रही है. इनके द्वारा बच्चों के जन्म एवं मौत का पंजीकरण नहीं किया जा रहा है. इसी प्रकार नगर परिषद, नगर पंचायत के माध्यम से भी जन्म मृत्यु पंजीकरण का काम किया जा रहा है.
क्या कहते हैं अधिकारी
विगत साल विलंब से पंजीकरण फार्म आने के कारण पंजीकरण का काम विलंब से शुरू किया गया. पर इस साल यह समय से पूरा हो जायेगा.
आनंद प्रकाश, सांख्यिकी पदाधिकारी
