झटके हल्के पर दहशत अधिक जर्जर भवन में रहते हैं अधिकारी
मधुबनी : जिला मुख्यालय सहित विभिन्न भागों में बुधवार की शाम करीब सात तीस में भूकंप के झटके महसूस किये गये. भले ही यह झटके हल्के थे. पर लोगों की दहशत अधिक थी. लोगों को विगत एक साल पूर्व अप्रैल माह में ही 25 तारीख को आये भूकंप की यादें आ गयी. जिसमें कई रातों […]
मधुबनी : जिला मुख्यालय सहित विभिन्न भागों में बुधवार की शाम करीब सात तीस में भूकंप के झटके महसूस किये गये. भले ही यह झटके हल्के थे. पर लोगों की दहशत अधिक थी. लोगों को विगत एक साल पूर्व अप्रैल माह में ही 25 तारीख को आये भूकंप की यादें आ गयी. जिसमें कई रातों तक लोगों को बाहर खुले आसमानों के नीचे सोना पड़ा था.
उस तेज भूकंप के झटके ने कई इमारतों को क्षतिग्रस्त कर दिया. सरकारी व गैर सरकारी कई भवनें इतनी जर्जर हो गयी कि उसमें लोगों के जाने पर मनाही कर दी गयी. पर इसके बाद भी इसे अधिकारियों की मजबूरी कहें या फिर खतरों से खेलने की भावना कि जर्जर भवन रहने के बाद भी ऑफीसर कॉलोनी में रहने वाले अधिकारी आज भी उसी कमरे में रह रहे हैं.
नगर भवन में काम पर रोक : विगत साल 25 अप्रैल को आये भूकंप में नगर भवन में दरारें आ गयी थी. जिस कारण सुरक्षा के मद्देनजर तत्कालीन जिला पदाधिकारी ने इस भवन में किसी भी कार्यक्रम के संचालन पर रोक लगा दी. जो आज तक कायम है. इस एक साल में इस भवन को इस कदर तक नहीं बनाया जा सका है कि इसमें दुबारा काम हो सके.
यह विडंबना ही है कि जिस नगर भवन में हल्की दरारें आयी तो उसमें सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला पदाधिकारी ने काम संचालन पर रोक लगा दी. पर जिस पुराने भवन का प्राय: हर दीवाल, व छत जर्जर हो चुका है. दरारें आ गयी है उस भवन को अब तक ना तो सही तरीके से मरम्मति करायी गयी है और ना ही अधिकारियों के रहने के लिये कोई दूसरा व्यवस्था ही किया गया है. जिस कारण आज भी मजबूरी में जिले के अधिकारी इस भवन में रहने को मजबूर हैं.
बुधवार की शाम आये भूकंप के हल्के झटके ने एक बार फिर ऑफीसर कॉलोनी में रहने वाले अधिकारियों को दहशत में डाल दिया है. भूकंप आते ही अधिकारी व उनके परिजन खुले में आ गये. कई अधिकारियों ने नाम नही छापने की शर्त पर बताया कि अब तो हल्के झटके से भी दहशत व्याप्त हो जाता है. दरअसल ये दीवारें इतनी जर्जर हो चुकी है कि कब हादसा हो जाये कहा नहीं जा सकता है.
क्या कहते हैं अधिकारी : इस बाबत जिला पदाधिकारी गिरिवर दयाल सिंह ने बताया है कि जितने भी जर्जर भवन हैं उनकी मरम्मति करायी गयी है. साथ ही ठोस पहल की जायेगी.