भूमिहीन को बासगीत का परचा नहीं
मधुबनी : एक ओर जहां भूमिहीन परिवार बासगीत परचा नहीं मिलने के कारण अब तक घर को तरस रहे हैं. वहीं कई महादलित परिवार सरकारी जमीन पर अवैध रूप से घर बनाने लगे हैं. ये वैसे परिवार हैं, जिन्हें ना सिर्फ अपना जमीन और घर भी पूर्व से बना है, बल्कि एक से अधिक घर है. प्रशासन इस बातों से बेखबर है. इसमें सबसे अधिक मामला तटबंधों के बगल में सामने आ रहा है. जिले के कोसी, कमला सहित अन्य नदियों के तटबंधों के किनारे दिन प्रतिदिन घर बनाये जाने की बात सामने आ रही है.
तटबंधों पर खतरा: तटबंधों के किनारे घर बनाने के दौरान लोग मिट्टी खरीद कर या अन्य जगह से नहीं लाते हैं. बल्कि जिस तटबंध के समीप घर बनाते हैं उसी तटबंध की मिट्टी की कटाई भी कर रहे हैं. जिस से तटबंध कमजोर होता जा रहा है. स्थिति यह है कि धीरे धीरे इस कदर मिट्टी की कटाई कर दी गयी है कि तटबंध का अंदरूनी भाग खंडहर जैसा बन गया है. यदि पानी का हल्का दवाब भी पड़ा तो ये तटबंध रेत की दीवाल की तरह ही टूट जायेगा.
कोसी व कमला तटबंध किनारे बन रहा घर: जिले के कोसी व कमला तटबंधाें के किनारे घर बनाये जाने का अधिक मामला प्रकाश में आ रहा है. जानकारी के अनुसार रहिका प्रखंड क्षेत्र के जगतपुर पंचायत, सप्ता पंचायत, नाजिरपुर, भच्छी, मलंगिया, सौराठ, पोखरौनी सहित अन्य क्षेत्रों में कोसी के शाखा नदियों के तटबंधों पर हर दिन नये नये घर बनाये जा रहे हैं. इसी प्रकार झंझारपुर अनुमंडल क्षेत्रों में भी तटबंधों के किनारे लोगों द्वारा घर बनाये जाने का मामला प्रकाश में आ रहा है.
प्रशासन बेखबर :एक ओर जहां प्रशासन भूमिहीन को बासगीत परचा देने में विफल रही है, तो दूसरी ओर तटबंधों के किनारे अवैध रूप से घर बनाये जाने के मामले में भी बेखबर है. ना तो अधिकारी इन लोगों को घर बनाने से रोक रहे हैं और ना ही तटबंधों की सुरक्षा को लेकर ही कोई पहल हो रही है.
क्या कहते हैं अधिकारी : इस बाबत एसडीओ शाहिद परवेज ने बताया है कि मामलों की जांच के लिये सीओ को निर्देश दिया जायेगा. रिपोर्ट आने के बाद उचित कार्रवाई की जायेगी.
