मधुबनी : अंधराठाढ़ी थाना क्षेत्र में करीब छह साल पहले अपने सहोदर भाई को चाकू से घोंप कर हत्या करने के मामले में सजा के बिंदु पर पंचम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ब्रजेश कुमार पांडेय के न्यायालय में सुनवाई हुई.
दोनों पक्षों के दलिल सुनने के बाद न्यायालय ने अंधराठाढ़ी थाना क्षेत्र के गंगद्धार निवासी आरोपी मुस्तकीम अंसारी को दफा 302 भादवि में आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनायी है. साथ ही न्यायालय ने पांच हजार जुर्माना भी लगाया है. जुर्माने की राशि नहीं देने पर तीन माह अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी. अभियोजन कि ओर से लोक अभियोजक राजेंद्र तिवारी ने बहस करते हुए न्यायालय से कड़ी से कड़ी सजा की मांग की थी. वहीं बचाव पक्ष से अधिवक्ता वसंत चौधरी ने बहस किया.
क्या था मामला
अभियोजन के अनुसार अभियुक्त मुस्तकीम अंसारी द्वारा मछली धो कर पानी रास्ते पर फेंक दिया गया था. जिस पर सूचक अमना खातून के ससूर दाउद अंसारी ने मुस्तकीम अंसारी को डांटा. इसी पर आरोपी
अपने पिता दाउद अंसारी को गाली- गलौज करने लगा तथा बंटवारे न होने देने का आरोप लगाया.
इसी कहासुनी में सूचक अमना खातून के पति मृतक अब्दूल बारीक बीच बचाव करने आया. इसी पर अभियुक्त द्वारा अपने सगा भाई मृतक अब्दूल बारीक को चाकू घोंप कर हत्या कर दिया. घटना का कारण बंटवारे को लेकर पूर्व से आ रहे दुश्मनी बताया जा रहा है. इस बाबत सूचक अमना खातून द्वारा अंधराठाढ़ी कांड संख्या 69/11 दर्ज कराया गया था.
