तीन साल बाद उपभोक्ता कोर्ट में शुरू हुई सुनवाई

मधुबनी : विगत तीन साल जिले के हजारों उपभोक्ताओं के लिये काफी निराशाजनक रहा. उपभोक्ताओं को प्रतिष्ठानों द्वारा गलत सामान बेचा जाता रहा, हजारों लाखों का नुकसान होता रहा और उपभोक्ता अपने इस नुकसान की भरपाई के लिये कहीं जा भी नहीं सके. दरअसल वर्ष 2012 में मधुबनी कांड में उपभोक्ता फोरम में रखे संचिकाओं […]

मधुबनी : विगत तीन साल जिले के हजारों उपभोक्ताओं के लिये काफी निराशाजनक रहा. उपभोक्ताओं को प्रतिष्ठानों द्वारा गलत सामान बेचा जाता रहा, हजारों लाखों का नुकसान होता रहा और उपभोक्ता अपने इस नुकसान की भरपाई के लिये कहीं जा भी नहीं सके.

दरअसल वर्ष 2012 में मधुबनी कांड में उपभोक्ता फोरम में रखे संचिकाओं को उपद्रवियों ने इस कदर जलाया कि इसे दुरूस्त करने में तीन साल लग गये. अब कहीं जाकर एक बार फिर से उपभोक्ता न्यायालय में मामले की सुनवाई शुरू हुई है.

पुराना मामला लंबित
उपभोक्ता संरक्षण न्यायालय से मिली जानकारी के अनुसार इस न्यायालय में करीब सात आठ साल पुराना मामला लंबित है. जिसकी सुनवाई त्वरित गति से करते हुए मामलों का निष्पादन किया जा रहा है. साल 2012 से करीब तीन साल तक इसमें मामलोंं की सुनवाई काफी धीमी रही. फाइलों के जल जाने के कारण काफी परेशानी हुई.
400 मामले लंबित
उपभोक्ता संरक्षण न्यायालय में वर्तमान समय में काफी त्वरित गति से मामलों का निष्पादन किया जा रहा है. पर अभी भी करीब चार सौ से अधिक मामले लंबित हैं. जिनका निष्पादन होना है. इसमें साल 2008 से लेकर अब तक के मामले बताये जा रहे है.
बिजली के मामले अधिक
उपभोक्ता संरक्षण न्यायालय से मिली जानकारी के अनुसार संरक्षण न्यायालय में सबसे अधिक मामला बिजली विभाग से संबंधित रहता है. इसके साथ ही अन्य सरकारी विभागों से भी मामले जुड़े होते हैं.
आक्रोशित छात्रों ने जाम की सड़क
दूरस्थ शिक्षा व स्नातकोत्तर के आक्रोिशत छात्राओं ने मधुबनी राजनगर मुख्य मार्ग को जाम कर दिया.छात्र कालेज में असाइनमेंट जमा करने आये थे. आिखरी दिन होने के बावजूद असाइनमेंट जमा नहीं होने पर छात्र आक्रोशित हो गये.
एक ओर सरकार उच्च शिक्षा में व्यापक सुधार की योजनाओं पर काम कर रही है. वहीं दूसरी ओर शिक्षा से जुड़े शिक्षक व अधिकारी उदासीन बने हुए है. जिसका खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ता है. मंगलवार को दूरस्थ शिक्षा स्नातक व स्नाकोतर के आक्रोशित छात्रों ने मधुबनी-राजनगर मुख्य मार्ग को जामकर महाविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे थे. बताया जा रहा है कि दूरस्थ शिक्षा के छात्र असाइनमेंट जमा करने आए थे. छात्रों ने बताया कि मंगलवार को असाइनमेंट जमा करने का आखिरी दिन था.
पर हमलोगों का असाइनमेंट जमा नहीं लिया गया. छात्र संतोष पाठक ने बताया कि महाविद्यालय प्रशासन जानबूझ कर हम छात्रों को परेशान कर रही है. ना समय से स्टडी मेटेरियल मिलता है और ना ही असाइनमेंट लिखने की कॉपी. पर इसका तिथि निकाल दिया जाता है. जिसके कारण बाजार से यह सब खरीदना पड़ता है. बिना बिलंब शुल्क दिये कोई काम नहीं होता. मौके पर भारती पाठक, आशुतोष झा, विनोद राय, नरेंद्र कुमार, दिनेश कुमार, रिजवान, शमीम अब्बासी, अरशद, लक्ष्मी कुमारी सहित दर्जनों छात्र उपस्थित थे. इधर जेएन कॉलेज दूरस्थ शिक्षा केंद्र के समन्वयक हरे कृष्ण झा हरि ने बताया कि महाविद्यालय के मैट्रिक की परीक्षा केंद्र बनाया गया है. दूरस्थ शिक्षा से संबंधित सभी कार्य सुबह 7 से 9 बजे तक हो रही है. अभी बिना बिलंब शुल्क के ही असाइनमेंट ली जाएगी. छात्र 9 बजे से पहले आकर जमा कर सकते है.
चौथे दिन मैट्रिक के छात्रों पर ग्रहण!
मैट्रिक परीक्षा का चौथा दिन हलचल भरा रहा. समस्तीपुर व सीतामढ़ी में छात्रों के साथ अलग-अलग तीन घटनाएं हुईं. पहले मामले में बहादुरपुर परीक्षा केंद्र पर दूसरी पॉली का प्रश्न-पत्र व कॉपी पहली पॉली में बांट दिया गया. एक घंटे बाद जब इसका पता चला, तो केंद्राधीक्षक ने प्रश्न पत्र व कॉपियां छात्रों से जमा करा लिये.
वहीं, रहीमपुर रुदौली में परीक्षा के दौरान एक छात्र को अगवा करने की कोशिश की गयी, लेकिन लोगों की सक्रियता से अपराधी इसमें कामयाब नहीं हो सके. तीसरी घटना सीतामढ़ी में हुई, जहां दसवीं के छात्रों से भरा टेंपो पलट गया, जिसमें एक छात्र की मौत हो गयी. टेंपो चलानेवाला छात्र भी दसवीं की परीक्षा देने जा रहा था.

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