शिक्षकेत्तर कर्मचारी संघ का प्रदर्शन

मधुबनी : शिक्षा विभाग के परिचारियों के प्रोन्नति नहीं किये जाने से नाराज कर्मियों ने सोमवार को जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय के समक्ष धरना प्रदर्शन किया. इस दौरान नाराज कर्मियों ने विभाग के द्वारा प्रोन्नति संबंधी मामले में लापरवाही बरते जाने पर नाराजगी जताते हुए इसका जल्द से जल्द निपटारा करने का मांग किया. वहीं […]

मधुबनी : शिक्षा विभाग के परिचारियों के प्रोन्नति नहीं किये जाने से नाराज कर्मियों ने सोमवार को जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय के समक्ष धरना प्रदर्शन किया. इस दौरान नाराज कर्मियों ने विभाग के द्वारा प्रोन्नति संबंधी मामले में लापरवाही बरते जाने पर नाराजगी जताते हुए इसका जल्द से जल्द निपटारा करने का मांग किया.
वहीं बिहार राज्य माध्यमिक शिक्षक संघ के पूर्व प्रमंडल सचिव विजय चंद्र दुबे ने कहा कि उच्च न्यायालय के आदेश के बाद भी राम प्रकाश शर्मा परिचारी का प्रोन्नति लंबित रहना न्यायालय के आदेश की अवहेलना है. श्री दुबे ने कहा कि इसके लिये डीइओ व डीपीओ स्थापना जिम्मेवार हैं.
उन्होंने कहा कि आरडीडी शिक्षा विभाग ने भी डीइओ को आदेश दिया था कि हर हाल में इस मामले का निष्पादन सुनिश्चित करें. आरडीडी ने 19 जनवरी 2016 को ही मामले के निष्पादन का डीईओ व डीपीओ स्थापना को आदेश दिया था. पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों की निष्क्रियता के कारण मामले का अभी तक निष्पादन नहीं हो सका है. जिसके कारण आक्रोशित शिक्षकेत्तर कर्मियों को धरना पर बैठने के लिये मजबूर होना पड़ा है. श्री दुबे ने कहा कि अगर समस्या का निदान नहीं हुआ तो शिक्षकेत्तर कर्मी जिले में इंटर परीक्षा का बहिष्कार करेंगे.
उच्च विद्यालयों में लिपिक नहीं
प्रधानाध्यापक राम विलास सिंह ने शिक्षकेत्तर कर्मियों के पक्ष में खुलकर बोलते हुये कहा कि जिले के अधिकांश उच्च विद्यालयों में लिपिकों का पद रिक्त है. जिससे विद्यालयों का काम काज प्रभावित हो रहा है.
उन्होंने कहा कि परिचारकों की प्रोन्नति समय से हो जाती है तो उच्च विद्यालयों व प्लस टू विद्यालयों के काम काज में तेजी आयेगी. उन्होंने कहा कि लिपिकों के अभाव में कई प्रधानाध्यापकों को लिपिक का काम भी करना पड़ता है. प्रधानाध्यापक विजय कुमार झा,अचित नाथ झा सहित कई अन्य प्रधानाध्यापकों ने भी शिक्षकेत्तर कर्मचारी संघर्ष समिति के मांगों का समर्थन किया.
माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रकाश सिंह बादल ने भी इनकी मांगों को जायज बताते हुये आवाज बुलंद किया.
शिक्षकेत्तर कर्मचारी संघ के सचिव शशि शेखर ने माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत अर्हता प्राप्त कार्यालय परिचारकों को लिपिक केे रिक्त पद पर प्रोन्नति करने की मांग की. उन्होंने एसीपी से वंचित शिक्षकेत्तर कर्मचारियों को एसीपी की स्वीकृति देने की भी मांग की. अर्हता प्राप्त उच्च योग्यताधारी लिपिकों का उच्चतर पद पर प्रोन्नति देने की भी मांग की. वहीं अध्यक्ष पवन सिंह ने सेवानिवृत शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की सेवा पुस्तिका डीपीओ स्थापना कार्यालय से हस्तगत कराने की भी मांग की.
उन्होंने कार्यालय परिचारकों को बकाया सहित वर्दी भत्ता के भुगतान की मांग की. उन्होंने कहा कि सरकार का स्पष्ट आदेश है कि रिक्ति के साथ ही योग्यताधारी को प्रोन्नति दी जाय. सचिव ने कहा कि डीपीओ स्थापना ने 2013 में पत्र निर्गत कर आवेदन का मांग किया था. इसी के आलोक में सभी कर्मचारियों की सेवा पुस्तिका भी डीपीओ स्थापना कार्यालय में जमा है.
प्रोन्नति को बनी थी सूची
प्रोन्नति के लिये सूची बन चुकी है. डीइओ तिथि भी घोषित कर चुके हैं. उच्च न्यायालय ने भी सहमति प्रदान कर दी है. बावजूद अभी तक प्रोन्नति नहीं हो पाई है. सचिव ने चेतावनी दी कि यदि दो दिनों के अंदर प्रोन्नति नहीं दी जाती है तो वे डीईओ कार्यालय पर अनशन व तालाबंदी करने को विवश हो जायेंगे.
मो. इजहारुल हक अंसारी, रजनीश रंजन,शशि शेखर,पवन कुमार सिंह, अजय झा, शिव कुमार,पंकज कुमार, सुरेश कुमार,रामबाबू सिंह,सुरेंद्र कुमार, राम प्रकाश शर्मा,सहित काफी संख्या में शिक्षकेत्तर कर्मचारी संघर्ष समिति के सदस्य उपस्थित थे. उनके नारों से डीईओ कार्यालय दिन भर गूंजता रहा.
बंद रहा ताला
डीईओ कक्ष में ताला लगा हुआ था. पूछने पर डीइओ कार्यालय कर्मियों ने कहा कि साहेब पटना गये हैं.

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