मधुबनी : पिछले तीन साल में बिजली विभाग के कार्यप्रणाली काफी परिवर्तन हुआ है. पर विद्युत विभाग द्वारा सामान के रख रखाव के लिए कोई व्यवस्था नहीं किया गया है. विद्युत सब डिवीजन कार्यालय में समान रखने के लिए जहां स्टोर की व्यवस्था नहीं है. वहीं विद्युत पदाधिकारी एवं कर्मियों के रहने के लिए एक भी भवन नहीं है.
स्टोर नहीं रहने से सामान हो रहा खराब
वैसे तो डिवीजन कार्यालय में दो स्टोर रूम है. लेकिन दोनों स्टोर रूम खराब हो चुका है. हल्की सी भी बारिश होने पर इसमें जल जमाव हो जाता है. ऐसे में विद्युत आपूर्ति में काम आने वाला सामान खराब हो रहा है.
ब्रेकर में जंग लग जाने के कारण विभाग के कर्मियों को बिजली आपूर्ति करने में काफी परेशानी होती है. भंडार सहायक मनोज कुमार ने बताया कि ब्रेकर को चालू कराने के लिए मोबिल से साफ किया जाता है. मोबिल अगर अंदर में रह जाता है तो कभी भी बड़ी घटना हो सकती है.
पदाधिकारी को रहने के लिए नहीं है भवन
बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता सहायक अभियंता सहित अन्य कर्मियों के रहने के लिए पूर्व में भवन था. पर सही से रख रखाव नहीं होने के कारण यह भवन जर्जर हो गया है. जिस कारण विभाग के पदाधिकारी किराया पर भवन लेकर रहते हैं. जिस पर विभाग का लाखों रुपया खर्च होता है.
क्या कहते हैं अधिकारी
इस बाबत कार्यपालक अभियंता संतोष कुमार ने बताया कि स्टोर रूम के लिए विभाग को प्रस्ताव भेजा जा चुका है. वहीं ट्रांसफॉर्मर मरम्मति का काम मार्च से शुरू कर दिया जायेगा. भवन निर्माण पर श्री कुमार ने बताया कि उसके लिए अभी कोई योजना नहीं बना है.
ट्रांसफॉर्मर मरम्मति का काम शुरू नहीं
पुराने जले ट्रांसफॉर्मर मरम्मति के लिए सब डिवीजन कार्यालय के कैंपस के अंदर हीट रूम बनाया गया. पिछले एक साल से हीट रूम बन कर तैयार है. लेकिन सामग्री एवं स्टॉफ नहीं रहने के कारण ट्रांसफॉर्मर मरम्मती का काम यहां चालू नहीं हो पाया है. भंडार सहायक मनोज कुमार ने बताया कि ट्रांसफॉर्मर मरम्मती के लिए दरभंगा भेजना पड़ता है.
जिसमें 10 से 15 दिन समय लगता है अगर यहां पर मरम्मती का काम शुरू हो जायेगा तो गर्मी में ट्रांसफॉर्मर जलने की शिकायत ज्यादा होती है. काम शुरू हो जाने पर लोगों को तत्काल ट्रांसफॉर्मर दिया जा सकता है. हीट रूम में अभी तक सिर्फ स्टोर कीपर की पदस्थापना हुई है. मिस्त्री तकनीशियन सहित अन्य कर्मी का पदस्थापना विभाग द्वारा अभी तक नहीं किया गया है.
