मधुबनी : नियोजित शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की जांच के लिए समीक्षा बैठक हुई. इसमें डीइओ, डीपीओ स्थापना व निगरानी अन्वेषण ब्यूरो व निगरानी विभाग के पुलिस अधिकारी भी उपस्थित हुए. दिनांक 18.5.2005 तक प्रारंभिक विद्यालयों में नियोजित शिक्षकों के नियोजन के समय दिये गये प्रमाण पत्र, आवेदन व अन्य कागजात के साथ शिक्षकवार फोल्डर निगरानी विभाग द्वारा प्रत्येक जिले के प्रतिनियुक्त अधिकारियों को उपलब्ध कराने की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की गयी.
14991 की जगह निगरानी को मिला सिर्फ 402 फोल्डर
मधुबनी : नियोजित शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की जांच के लिए समीक्षा बैठक हुई. इसमें डीइओ, डीपीओ स्थापना व निगरानी अन्वेषण ब्यूरो व निगरानी विभाग के पुलिस अधिकारी भी उपस्थित हुए. दिनांक 18.5.2005 तक प्रारंभिक विद्यालयों में नियोजित शिक्षकों के नियोजन के समय दिये गये प्रमाण पत्र, आवेदन व अन्य कागजात के साथ शिक्षकवार फोल्डर […]

समीक्षा के दौरान पाया गया कि प्रगति संतोषप्रद नहीं है. आरक्षी अधीक्षक निगरानी अन्वेषण ब्यूरो द्वारा डीइओ व डीपीओ स्थापना को उच्च न्यायालय आदेश दिनांक 18 जनवरी 2016 से अवगत कराते हुए निदेशित किया कि यदि दिनांक 15 फरवरी तक सभी नियोजित शिक्षक का फोल्डर निगरानी विभाग के प्रतिनियुक्त पदाधिकारियों को प्राप्त नहीं कराया जाता है तो वैसी स्थिति में जिला स्तर पर शिक्षा विभाग के नामित नोडल पदाधिकारी के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने की बाध्यता होगी.
उनके द्वारा यह भी निर्देश दिया गया कि यदि नियोजन इकाई द्वारा फोल्डर उपलब्ध नहीं कराई जाती है तो उन्हें नोटिस दिया जाये कि निर्धारित अवधि में नियोजित शिक्षक का फोल्डर उपलब्ध करायें अन्यथा उनके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई जायेगी. यदि इस नोटिस के बाद भी नियोजन इकाई द्वारा फोल्डर उपलब्ध नहीं कराया जाता है तो नोडल पदाधिकारी उनके विरुद्ध प्राथमिकीदर्ज करेंगे.
अधीक्षक निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने यह भी आदेश दिया है कि जिले में कुल नियोजित शिक्षकों की वास्तविक संख्या व इस प्रमाण पत्र के साथ जिले में प्रतिनियुक्त पदाधिकारी को अविलंब उपलब्ध करा दिया जाये कि इसके अतिरिक्त शिक्षक नहीं हैं. साथ ही यह भी निर्देश दिया गया कि नियोजन के लिए तैयार मेधा सूची, कार्यवाही पंजी, काउंसेलिंग पंजी की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए अपने पास अधीनस्थ पदाधिकारी के कार्यालय में सुरक्षित रखा जाये,
ताकि प्रमाण पत्र जांच के क्रम में उसकी आवश्यकता होने पर पुलिस पदाधिकारी द्वारा उसे प्राप्त कर जांच कार्य में आवश्यक उपयोग में लाया जा सके. निदेशक प्राथमिक शिक्षा ने ज्ञापांक 133 दिनांक 1.1.2016 के माध्यम से डीइओ व डीपीओ स्थापना को दी है. निदेशक ने यह भी जानकारी दी है कि जिला शिक्षा पदाधिकारी व जिला कार्यक्रम पदाधिकारी स्थापना इस बात का स्पष्ट प्रतिवेदन देंगे कि डाॅ भीमराव अांबेडकर हिंदी संस्कृत विद्यापीठ जोकिया बेगूसराय द्वारा निर्गत प्रशिक्षण प्रमाण पत्र के आधार पर कोई शिक्षक या शिक्षिका कार्यरत है या नहीं. साथ ही यह भी प्रतिवेदन देने को कहा गया है कि 34540 कोटि में कोई इस प्रमाण पत्र के आधार पर नियोजित होकर कोई शिक्षक कार्यरत है या नहीं. निदेशक प्राथमिक शिक्षा का कहना है कि मधुबनी जिला में 14 हजार 991 कुल प्रखंड, पंचायत, प्रखंड व नगर शिक्षक हैं. निदेशक के अनुसार इसमें डीइओ स्तर तक सिर्फ 1512 व निगरानी को सिर्फ 402 फोल्डर उपलब्ध कराये गये हैं. पूरे राज्य में तीन लाख 23 हजार 386 पंचायत, प्रखंड व नगर शिक्षक हैं. इसमें डीइओ स्तर तक एक लाख 96 हजार 711 फोल्डर व निगरानी स्तर तक सिर्फ 65 हजार 575 फोल्डर उपलब्ध कराया गया है.