हड़ताल से आठ करोड़ का कारोबार प्रभािवत

मधुबनी : बिहार सरकार द्वारा कपड़ा पर पांच प्रतिशत वैट (वैल्यू एडेट टैक्स) लगाये जाने के विरोध में जिले भर के कपड़ा व्यवसायी चौथे दिन भी दुकान बंद कर विरोध प्रदर्शन किया. 28 से 31 जनवरी तक हड़ताल से बाजार पर काफी असर पड़ा है. एक ओर कपड़ा व्यापारी टैक्स बढ़ाये जाने को लेकर आंदोलन […]

मधुबनी : बिहार सरकार द्वारा कपड़ा पर पांच प्रतिशत वैट (वैल्यू एडेट टैक्स) लगाये जाने के विरोध में जिले भर के कपड़ा व्यवसायी चौथे दिन भी दुकान बंद कर विरोध प्रदर्शन किया. 28 से 31 जनवरी तक हड़ताल से बाजार पर काफी असर पड़ा है. एक ओर कपड़ा व्यापारी टैक्स बढ़ाये जाने को लेकर आंदोलन कर रहे हैं. वहीं, दूसरी ओर सरकार की ओर से कोई सकारात्मक पहल की बात नहीं की जा रही रही है. जिससे व्यापारियों में काफी आक्रोश व्याप्त है.

रविवार को महिला कॉलेज रोड स्थित झड़ी लाल अनूठा लाल साड़ी शोरूम के समक्ष वस्त्र व्यापारी समिति के तत्वावधान में वस्त्र विक्रेताओं ने धरना प्रदर्शन किया. समिति के अध्यक्ष उमेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में दर्जनों थोक एवं खुदरा विक्रेता जमकर सरकार विरोधी नारे लगा रहे थे.
मौके पर महेश साह, सतीश कुमार राउत, रंजन अग्रवाल, मनीष प्रसाद, अजीत कुमार राउत, गुड्डू सरार्फ, सुरेश कुमार, हीरा राय, मो सरफराज आलम, विवेक कुमार, शत्रुघ्न महतो, मो जाकिर हुसैन सहित दर्जनों वस्त्र विक्रेता उपस्थित थे.
राज्य भर में कपड़ा व्यवसायियों द्वारा हड़ताल से जिले के कारोबार पर भी व्यापक असर देखा गया. एक अनुमान के मुताबिक बताया जा रहा है कि रोजना दो करोड़ के कारोबार बंद रहा है. गौरतलब हो कि जिले में वस्त्र व्यापार समिति द्वारा 28 से 31 जनवरी तक दुकान बंद रखा गया. इससे लगभग आठ करोड़ के कारोबार पर असर प्रभावित होने का
अनुमान है.
व्यापारी वर्ग को कठिनाई
सूबे की सरकार द्वारा कपड़ा पर पांच प्रतिशत वैट लगाये जाने का वस्त्र व्यापारियों ने कड़ा विरोध जताया है. इनका कहना है कि इससे व्यापारी सहित आम खरीदार भी प्रभावित होंगे. इससे कपड़े की लागत बढ़ेगी.
प्रत्येक माह जहां टैक्स जमा करना होगा वही तीन महीने पर टैक्स का रिटर्न भरना पड़ेगा. साथ ही सालाना रिटर्न भी जमा करना होगा. इसके लिए एकाउंटेंट व कानूनी परामर्श लेने में भी खर्चा की बढ़ोतरी होगी. अफसरशाही तथा कागजाती कार्रवाई इतनी बढ़ जायेगी की व्यापारियों के अधिकतम समय औपचारिकता को पूरा करने में लगेगा. वहीं, राज्य के सीमावर्ती क्षेत्र में अवैध कारोबार को बढ़ावा मिल सकता है.
लगन प्रभावित
मिथिला में घनघोर लगन के कारण व्यापारी सहित आम लोग काफी प्रभावित रहे. व्यापारी जो लगन से पहले माल की खरीदारी कर स्टॉक जमा करते है. वही विवाह, उपनयन व मुंडन जैसे संस्कार में जमकर खरीदारी की जाती है. इस समय व्यापारी से अधिक आम लोग प्रभावित हुए. कपड़ा के लिए लोग बाजार में भटकते दिखे. इस कारण कई लोगों ने दूसरी तिथि में ही कार्य संपादित करने का निर्णय लिया है.
चैंबर ऑफ कामर्स ने दिया समर्थन
मिथिलांचल चैंबर ऑफ काॅमर्स ने वस्त्र विक्रेताओं के आंदोलन का समर्थन किया है. 28 से 31 जनवरी तक बंदी का व्यापार एवं जनहित में समर्थन किया है. चैंबर के सदस्यों ने कहा है कि वैट के लागू होने से व्यापारियों को काफी कठिनाई उत्पन्न होगी. अनावश्यक कार्यालय औपचारिकताएं व सीमावर्ती राज्यों में गलत व्यवसाय को प्रोत्साहन मिलेगा.
चरणबद्ध आंदोलन
सरकार के साथ सकारात्मक समझौता नहीं होने पर व्यवसायियों द्वारा चरणबद्ध आंदोलन भी किया जा सकता है. उत्तर बिहार वाणिज्य एवं उद्योग परिषद, मुजफ्फरपुर एवं वस्त्र व्यापारी समिति चरणबद्ध आंदोलन का मूड बना रहे हैं. आम जन, राजनीतिक पार्टियों व समाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा इन्हें नैतिक समर्थन मिलने से व्यापारी उत्साहित हैं.

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