बेहतर िचकित्सा पर मिलेगा काॅरपोरेट अस्पताल का दर्जा
मधुबनी : राज्य के स्वास्थ्य विभाग से आयी तीन सदस्यीय जांच टीम ने गुरुवार को सदर अस्पताल के विभिन्न वार्डों, ओटी, आइ वार्ड, मेटरनिटी वार्ड, ओपीडी का निरीक्षण किया.
डॉ पी झा के नेतृत्व में डॉ आलोक रंजन एवं डॉ मुर्शीद ने सदर अस्पताल का निरीक्षण किया. इस दौरान जांच टीम ने अस्पताल के विभिन्न वार्डों में घूम घूम कर साफ सफाई व इलाज के बाबत जानकारी हासिल की.
सफाई नहीं होने पर जतायी नाराजगी
महिला ओपीडी के बगल में अवस्थित बाथरूम की गंदगी की शिकायत मरीजों द्वारा किये जाने पर जांच टीम ने सदर अस्पताल के उपाधीक्षक एवं अस्पताल प्रबंधक को पुष्प भारती स्वयंसेवी संस्थान जिसे सदर अस्पताल की साफ सफाई की जिम्मेदारी सौंपी गयी है, को नोटिस देकर अल्टीमेटम देने का निर्देश दिया. अस्पताल के ओपीडी वार्ड में शिशु वार्ड को ऑफिस बना देने पर टीम के प्रमुख डॉ झा ने अस्पताल उपाधीक्षक से शिशु ओपीडी को जननी बाल सुरक्षा योजना को कार्यालय बनाये जाने को लेकर पूछताछ की.
बेहतर इलाज हो मुख्य उद्देश्य
जांच टीम के डॉ झा ने बताया कि राज्य में ऐसे सदर अस्पताल जो मरीज को बेहतर सुविधा प्रदान करेगी और जहां मरीज व उनके परिजन इलाज व व्यवस्था से संतुष्ट रहेंगे. उन अस्पतालों को काॅरपोरेट अस्पताल बनाने की योजना राज्य सरकार कर रही है. कहा कि मरीज का बेहतर इलाज करना व इलाज से परिजन को संतुष्ट करना मुख्य उद्येश्य होना चाहिए.
अस्पताल में करें ऑपरेशन
सदर अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर के निरीक्षण के दौरान वहां अवस्थित मशीन व वहां की साफ सफाई देखकर जांच टीम के सदस्यों ने प्रसन्नता व्यक्त की. सदर अस्पताल में सिजेरियन नहीं होने व ऑपरेशन की सुविधा मरीजों को प्राप्त नहीं होने पर जांच टीम ने निर्देश दिया कि अधिक ऑपरेशन अस्पताल में करें, ताकि मरीज को बाहर ऑपरेशन करने से बचना पड़े. इमजेंसी में आइवी सेट, इंट्रा कैट, मैनीटोल आदि रहने पर भी जांच टीम ने अप्रसन्नता व्यक्त की. जांच टीम के साथ सदर अस्पताल के डीएस डॉ अजय नारायण प्रसाद, डॉ सीके सिंह, अस्पताल प्रबंधक एस पासवान मौजूद थे.
