लुढ़का पारा, हवा की गति 0.7 मीटर प्रति सकेंड
नहीं जल रहा अलाव, घरों में दुबके लोग
मधुबनी : तेज पछिया हवा के साथ बुधवार की शाम से हो रही हल्की बुंदा बांदी से कनकनी बढ़ गयी है. लोगों को एक बार फिर कड़ाके की ठंडक से जनजीवन अस्त व्यस्त है. बुधवार की रात से ही कड़ाके की ठंडक ने लोगों को घरों में दुबकने पर मजबूर कर दिया. हालांकि सरकारी स्तर पर कहीं भी अलाव की व्यवस्था नहीं की गयी है.
विभाग के अनुसार गुरुवार को तापमान लुढ़क कर 17 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया. वहीं हवा की गति 0.7 मीटर प्रति सेकेंड की रफ्तार से हवा चल रही थी. वहीं आर्द्रता 73.6 दर्ज की गयी है. लोग छोटे छोटे बच्चों को स्कूल जाने पर रोक लगा कर अपने अपने घरों में दुबके रहे. हालांकि गुरुवार को कुछ देर के लिए धूप निकली, लेकिन फिर तेज हवा व बादल लग जाने के कारण सूर्यदेव बादलों की ओट में छुप गये. लोग ठंड से बचने के लिए अलाव, हीटर व कंबल का सहारा लेते देखे गये.
नहीं है अलाव की व्यवस्था
एक ओर कड़ाके की ठंडक है तो दूसरी ओर प्रशासन द्वारा अलाव की कोई व्यवस्था नहीं की गयी है. इससे शहर मुख्यालय में फुटपाथ विक्रेताआें व रिक्शा-ठेला चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. वहीं, दिन में भी लोग घरों में ही दुबक रहे. दिन में ही शाम का नजारा सामने आ गया था. हालांकि जिला आपदा विभाग से पूर्व में ही रहिका प्रखंड के अलावे हर प्रखंड को 2 -2 हजार रुपये अलाव के लिए आवंटित किया गया था, लेकिन कहीं भी अलाव नहीं जलाया गया था.
क्या कहते हैं अधिकारी
जिला पदाधिकारी गिरिवर दयाल सिंह ने बताया है कि सभी प्रखंड को अलाव जलाने का निर्देश दिया गया है. वहीं, ऐसी ठंडक रही तो विद्यालय को भी बंद करने का निर्देश दिया जायेगा.
कलुआही. हल्की वारिस एवं ठंड हवा बहने के साथ ही मौसम का मिजाज बदल गया है. ठंड बढ़ने से प्रारंभिक स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे परेशान है. अधिकांश जगहों पर दैनिक कार्य करने वाले मजदूर भी घर से निकला मुनासिब नहीं समझते. अंचल स्तर पर अलाव का इंतजाम नहीं के बराबर है.
