कई मुहल्ले सड़क से वंचित

मधुबनी : जिस उम्मीद के साथ क्षेत्र संख्या दो के मतदाताओं ने जिप सदस्य मो. इजहार अहमद को अपना मत दिया था. उस उम्मीद पर वे किस हद तक खरा उतर सके. चुुनाव में कि ये गये वायदों को पूरा कर सके या नहीं. उनका कार्यकाल कैसा रहा. इसे जानके को क्षेत्र में वर्तमान जिला […]

मधुबनी : जिस उम्मीद के साथ क्षेत्र संख्या दो के मतदाताओं ने जिप सदस्य मो. इजहार अहमद को अपना मत दिया था. उस उम्मीद पर वे किस हद तक खरा उतर सके.

चुुनाव में कि ये गये वायदों को पूरा कर सके या नहीं. उनका कार्यकाल कैसा रहा.
इसे जानके को क्षेत्र में वर्तमान जिला परिषद के द्वारा किये गये कार्य को जानना आवश्यक है. विगत पांच साल में जिला परिषद सदस्य ने प्राप्त आवंटन से क्षेत्र में काम करने का प्रयास निश्चय तौर पर किया.
इसे अब फंड की कमी कहें या फिर सरकार की उदासीनता या फिर जिला परिषद की अंदरूनी राजनीति का असर कि इस क्षेत्र मंे विकास कार्य के नाम पर पांच आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण, तेरहवीं और चतुर्थ वित्त आयोग से छह स्थानांे पर खरंजा, मिट्टी करण व पीसीसी का काम किया गया. इसके साथ ही एक सामुदायिक भवन परिसर में शौचालय का निर्माण भी किया गया.
करीब 60 हजार मतदाता ने दिया था वोट
जिला परिषद क्षेत्र संख्या दो आठ पंचायतों का है. यहां के करीब 60 हजार मतदाताओं में से अधिकांश ने जिप सदस्य इजहार अहमद के पक्ष में मतदान कर चुना था. इस क्षेत्र में झिटकी, हिसार, सिसौनी, खिरहर, बोरहर, सोनई, कौआही बरही, बेता परसा पंचायत है. इन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी मो. याकूब को करीब पांच हजार मतों से पराजित किया था.
इस क्षेत्र के आठ पंचायत के दर्जनों गांव ऐसे हैं जहां पर आज भी सड़कें नहीं बन सकी है. आज भी लोगों को आवाजाही में परेशानी हो रही है. ऐसा नहीं कि जिप सदस्य ने काम करने की कोशिश ना की हो, इन्होंने अपने स्तर से हर संभव काम करने की कोशिश की है. पर राशि की कमी इस क्षेत्र में भी विकास के पथ में रोड़े अटका दिये. अब एक बार फिर चुनाव का समय आ गया है.

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