मधुबनी : सुबह के करीब 10 बजकर 30 मिनट हो रहे हैं. हम डीआरडीए पहुंचे. विभाग के अधिकांश कर्मी कार्यालय पहुंच गये थे. डीआरडीए के विकास शाखा में 10:30 बजे दीपक कुमार, मो आलम, लाल कृष्ण आडवानी सहित कई कर्मी उपस्थित पाये गये.
कर्मियों ने बताया कि वे लोग समय से कार्यालय आ रहे हैं, लेकिन हकीकत यह थी कि आज कई दिनों बाद समय से कर्मी विकास शाखा में दिखे. कई कर्मियों ने यह स्वीकार भी किया कि वे लोग 11 बजे तक कार्यालय आते थे, लेकिन आज प्रभात खबर में छपी खबर के कारण समय पर पहुंचे हैं.
10:40 बजे कल्याण विभाग के कार्यालय में मनी नाथ झा, बड़ा बाबू प्रफुल्ल कुमार झा, राम अदगार राम, कामेश्वर साफी, उपेंद्र पासवान, हरीय पासवान सहित सभी 12 कर्मी अपने अपने स्थान पर बैठे पाये गये. हालांकि उप विकास आयुक्त के कार्यालय बंद था.
मालूम किया गया तो उप विकास आयुक्त हाकीम प्रसाद के जनता दरबार में शामिल होने की बात बतायी गयी. यहां से हम इसी परिसर में स्थित जिला परिषद कार्यालय पहुंचे. अध्यक्ष नसीमा खातुन व उपाध्यक्ष भारत भूषण के कार्यालय कक्ष में ताला लटका हुआ था. जिप के प्रधान सहायक भी अपने कार्यालय में नहीं थे. हालांकि इनके बारे में बताया गया कि प्रधान सहायक चार दिनों की छुट्टी पर हैं.
अल्पसंख्यक कल्याण कार्यालय पर लगा था ताला
डीआरडीए के प्रथम मंजिल पर अवस्थित अल्पसंख्यक कल्याण कार्यालय में 10:48 मिनट पर ताला लगा हुआ था. कार्यालय में न तो पदाधिकारी और न ही कोई कर्मी ही उपस्थित थे. कहने को तो इस कार्यालय से जिले के अल्पसंख्यक कल्याण का काम होता है पर इसका क्या किया जाये कि अधिकारी ही अपने कार्यालय न आयें.
अधिकारी थे नदारद
डीआरडीए में अवस्थित विभिन्न कार्यालयों पदस्थापित वरीय उपसमाहर्ता व अधिकारी अपने अपने कार्यालयों में सुबह 10:30के बीच अनुपस्थित थे. इनके बार में भी कार्यालय के कर्मियों ने बताया कि सभी अधिकारी जनता दरबार में उपस्थित हैं.
