मधुबनी : बेनीपट्टी प्रखंड से पश्चिम चौर में करीब सात साल पहले बिजली के तार से करंट लगने से हुए मौत के मामले में सुनवाई करते हुए उपभोक्ता न्यायालय ने बिजली विभाग पर ढाई लाख जुर्माना का आदेश दिया है. दोनों गुटों की दलील सुनने के बाद उपभोक्ता न्यायालय के अध्यक्ष सेवानिवृत्त जिला सत्र न्यायाधीश विनोदानंद झा एवं सदस्य लक्ष्मण कुमार एवं रंजना झा की पीठ ने उक्त फैसला सुनाया.
न्यायालय ने बिजली विभाग को निदेशित किया है कि तीन महीने के अंदर क्षतिपूर्ति के रूप में ढाई लाख रुपये मृत्यु के तिथि से नौ प्रतिशत ब्याज के साथ वादी वशिष्ट राय को दें.
साथ ही कहा है कि तीन महीने के भीतर राशि भुगतान नहीं करने पर 12 प्रतिशत ब्याज के साथ वसूल कि जायेगी. वादी की ओर से अधिवक्ता जयकिशोर सिंह व बिजली विभाग कि ओर से सुधीर कुमार झा ने उपभोक्ता न्यायालय में बहस किया था.
क्या था मामला
उक्त मामले के वादी वशिष्ट राय कि पत्नी पूनम देवी 18 मई 2009 को संध्या साढ़े चार बजे वादी के भतीजी कविता देवी के साथ प्रखंड से पश्चिम चौर में मवेशी के लिए चारा काटने गयी थी. इसी दौरान ग्यारह हजार लाइन वाली गिरे हुए बिजली तार से पूनम देवी को करंट लग गया था. उसका इलाज के दौरान डीएमसीएच दरभंगा में निधन हो गया.
बिजली विभाग के उक्त लापरवाही से मौत पर मृतका पूनम देवी के पति वशिष्ट राय ने उपभोक्ता न्यायालय में उपभोक्ता वाद संख्या 94/09 दायर किया था.
