हुसैनिया मदरसा को एमडीएम योजना का लाभ नहीं फोटो: 4 परिचय: हुसैनियां मदरसा अंधराठाढी . प्रखंड के मदना गांव स्थित हुसैनिया मदरसा में एमडीएम योजना के लाभ से वंचित है . वर्ष 1986 में स्थापित यह मदरसा को वर्ष 1987 में बिहार राज्य मदरसा शिक्षा वोर्ड पटना से प्रस्वीकृति मिला. स्थापना काल से अब तक विद्यालय चंदे के दम पर ही चल रहा है. बिहार सरकार ने 2459 मदरसा को अधिग्रहण वास्ते प्रक्रियाधाीन है. इस मदरसे में तकरीबन 465 बच्चे नामांकित है. 140 छात्रा और 325 छात्र है. वास्तानिया स्तर की इस मदरसा में छह स्वीकृत पद है. चार मौलवी के अलावे दो महिला शिक्षिका कार्यरत हैं. छह कमरों वाली इस मदरसा में केवल सुलभ शौचालय है . मदरसा के प्रधान मौलवी गुलाम मोहम्मद के मुताबिक इस मदरसा में एमडीएम की सुविधा बहाल होना जरुरी है. अल्प संख्यक के लहेरी और धुनिया बिरादरी के बच्चे ही इस विद्यालय में पढ़ते हैं. जिन्हें हकीकत में दो जून की रोटी भी नसीब नहीं होती. ऐसे में यदि इस मदरसे में एमडीएम योजना को शुरू कर दिया जाय तो ना सिर्फ छात्रों की उपस्थिति अधिक हो जायेगी बल्कि सही समय पर छात्र पहुंच कर शिक्षा ले सकेंगे. मदरसा के सदर मो मंजूर लहेरी एवं सचिव आफताब आलम के बताया कि आजादी के बाद इस मुहल्ला में सरकारी संस्थान के नाम पर मात्र यह मदरसा है . अब तक चंदे-चिट्ठे के सहारे पर ही मदरसा चल रहा है. कहते हैं अधिकारीप्रखंड शिक्षा पदाधिकारी वीरेंद्र प्रसाद ने कहा कि हुसेनिया मदरसा 2459 मदरसो की सूची में है. पुराने मदरसा को एमडीएम का लाभ दिया जा रहा है. मदरसा की प्रस्वीकृति मिलने पर एमडीएम एवं अन्य लाभ दी जायेगी.
हुसैनिया मदरसा को एमडीएम योजना का लाभ नहीं
हुसैनिया मदरसा को एमडीएम योजना का लाभ नहीं फोटो: 4 परिचय: हुसैनियां मदरसा अंधराठाढी . प्रखंड के मदना गांव स्थित हुसैनिया मदरसा में एमडीएम योजना के लाभ से वंचित है . वर्ष 1986 में स्थापित यह मदरसा को वर्ष 1987 में बिहार राज्य मदरसा शिक्षा वोर्ड पटना से प्रस्वीकृति मिला. स्थापना काल से अब तक […]
