प्रधानाध्यापकों से जवाब तलबडीपीओ साक्षरता ने जारी किया आदेश
मधुबनी : रहिका प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों में संचालित अक्षर आंचल केंद्र मॉनिटरिंग के दौरान बंद पाया गया. कुछ जगहों पर तो विद्यालय भी बंद पाया गया. सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों से स्पष्टीकरण मांगा गया है कि विद्यालय बंद होने व साक्षरता केंद्र बंद होने का क्या कारण है.
यदि एक सप्ताह के अंदर स्पष्टीकरण प्राप्त नहीं होगा तो प्रधानाध्यापकों का वेतन स्थगित करते हुये उनके विरूद्ध विभागीय कार्रवाई प्रारंभ की जायेगी.क्या है मामलाजिला कार्यक्रम पदाधिकारी द्वारा गठित जिला स्तरीय मॉनिटरिंग टीम द्वारा रहिका प्रखंड के अंतर्गत विद्यालयों में अक्षर आंचल केंद्र का अनुश्रवण किया गया.
कुल 16 विद्यालयों व केंद्रों का निरीक्षण किया गया. कहां- कहां बंद था स्कूलमध्य विद्यालय बसुआरा, नया प्राथमिक विद्यालय लक्ष्मी सागर चौक, प्राथमिक विद्यालय मल्लाह टोल बसुआरा, प्राथमिक मध्य विद्यालय डुमरी हिंदी, प्राथमिक विद्यालय लक्ष्मीसागर चौक में केंद्र कभी नहीं चलता है. टीम ने यह भी कहा है कि मध्य विद्यालय बसुआरा में केंद्र संचालन नहीं होता है. प्राथमिक विद्यालय मल्लाह टोल बसुआरा में भी केंद्र संचालन नहीं होने की बात कही गई हैं.
नया प्राथमिक विद्यालय भच्छी मुसहरी भी मॉनिटरिंग के दौरान बंद पाया गया. कहां- कहां बंद था केंद्रअक्षर आंचल केंद्र जिला स्तरीय मॉनिटरिंग के दौरान कई जगह बंद था. जैसे मध्य विद्यालय विद्या भारती लहेरियागंज में केंद्र बंद पाया गया. मध्य विद्यालय महाराजगंज में भी साक्षरता केंद्र बंद था. प्राथमिक विद्यालय मेहतर टोल भौआड़ा में साक्षरता केंद्र बंद था.
जिला स्तरीय टीम ने यह भी कहा है कि प्राथमिक विद्वालय कोतवाली चौक में साक्षरता केंद्र कभी नहीं चलता हे. नया प्राथमिक विद्यालय कुजड़ा टोल सिंहिनिया में भी टीम ने केंद्र संचालन बंद पाया. दिन के 3 बजे से 3.55 तक विद्यालयों का मॉनिटरिंग किया.क्या कहते हैं अधिकारीडीपीओ साक्षरता रामाश्रय प्रसाद ने बताया कि सभी प्रधानाध्यापक से स्पष्टीकरण पूछा गया है कि मॉनिटरिंग के दिन विद्यालय या साक्षरता केंद्र क्यों बंद था.
एक सप्ताह के अंदर स्पष्टीकरण नहीं देने पर वेतन स्थगित करते हुये विभागीय प्रक्रिया शुरू कर दी जायेगी. साथ ही केंद्रों पर नियुक्त टोला सेवक व स्वयंसेवकों को पदमुक्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी जायेगी. डीपीओ श्री प्रसाद ने कहा कि इस संबंध में रहिका प्रखंड के बीइओ को भी आवश्यक आदेश जारी कर दिया गया है. जिले में बनेगा चाइल्ड फेंडली स्कूलबिहार शिक्षा परियोजना के निदेशक ने जारी किया आदेशमधुबनी.
जिले में चाइल्ड फ्रेंडली स्कूल बनेगा. जिले को यह तोहफा बिहार शिक्षा परियोजना के पूर्व निदेशक गिरिवर दयाल सिंह ने दिया है. पूर्व निदेशक श्री सिंह को मधुबनी का फिर से डीएम बनाये जाने से जिलावासियों में उम्मीद जगी है कि चाइल्ड फ्रेंडली स्कूल की स्थापना निर्धारित समय से हो सकेगा. क्या है चाइल्ड फ्रेंडली स्कूलजिले में पहली बार इस योजना को लागू किया जायेगा. इसके अंतर्गत आनंददायी माहौल में सरकारी चयनित विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जायेगी.
उन्हें खेल खेल में गणित की शिक्षा दी जायेगी. चाइल्ड फ्रेंडली स्कूल में छात्रों में विज्ञान के प्रति अभिरूचि जगाई जायेगी. प्रायोगिक विधि से छात्रों को विज्ञान की शिक्षा दी जायेगी. सामान्य ज्ञान पर्यावरण, अंग्रेजी आदि विषयों में छात्रों को दक्ष बनाया जायेगा. छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिये उन्हें विभिन्न खेलकूद गतिविधियों में भाग लेने का मौका मिलेगा.
यूनिसेफ करेगी सहयोगयूनिसेफ भी इस कार्यक्रम में सहयोग देगी. खासकर स्वच्छता संबंधी मामलों में यूनिसेफ का सहयोग मिलेगा. चयनित विद्यालयों में पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की जायेगी. स्वच्छता के लिये पायलट कार्यक्रम बनाया जायेगा. विद्यालय परिसर हरा भरा रहे और कहीं गंदगी या कूड़ा कचरा का अंबार नहीं लगे इसके लिये पहल होगी.
दो विद्यालय होंगे चयनितजिले में दो विद्यालयों को चाइल्ड फ्रेंडली स्कूल के लिये चयनित किया जायेगा. निदेशक गिरिवर दयाल सिंह ने जिला शिक्षा पदाधिकारी और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी सर्वशिक्षा अभियान व प्रारंभिक शिक्षा को आदेश दिया है कि अविलंब चयनित विद्यालयों का नाम भेंजे. इसके बाद अन्य दिशा निर्देश जारी किये जायेंगे.
विद्यालय का चयन करते समय यह ध्यान रखा जायेगा कि एक विद्यालय कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय और दूसरा संकुल मध्य विद्यालय हो. गतिविधियों की विवरणी एवं राशि की उपलब्धता भी राज्य से शीघ्र भेजी जायेगी. चयनित विद्यालय के प्रधानाध्यापक का मोबाइल नंबर भी राज्य को भेजा जायेगा.
क्या कहते हैं अधिकारी फिर से मधुबनी के डीएम बने और बिहार शिक्षा परियोजना के पूर्व निदेशक रहे गिरिवर दयाल सिंह का कहना है कि कार्यक्रम को जिला स्तर पर संपादित करने की जिम्मेवारी सर्व शिक्षा अभियान के संबंधित संभाग की होगी. उन्होंने कहा कि समय से चयनित विद्यालयों का नाम नहीं भेजने वाले डीइओ व डीपीओ पर कार्रवाई होगी. राज्य में 100 विद्यालयों में यह कार्यक्रम लागू किया जाना है. वैशाली जिला में प्रथम चरण में यह कार्यक्रम लागू किया जा चुका है.
यूनिसेफ के प्रतिनिधि को भी इस आशय की जानकारी दे दी गई है. जांच परीक्षा 14 सेअंधराठाढ़ी: स्थानीय फूलदेवी कुशेश्वर झा महाविद्यालय में इंटरमीडिएट की जांच परीक्षा 14 दिसंबर से होगी. इस बात की जानकारी प्रधानाचार्य सुशील कुमार झा ने दी. उन्होंने बताया कि जो छात्र एवं छात्राएं जांच परीक्षा में सम्मलित नहीं होंगे उन्हें इंटरमीडिएट की परीक्षा में फॉर्म भरने से वंचित रहेंगे. विशेष जानकारी के लिए कॉलेज कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं.
