एक शिक्षक के सहारे संवारा जा रहा भविष्य

समस्या : गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की पोल खोल रहा मधेपुर का उत्क्रमित उच्च विद्यालय कुरसों एक तरफ सरकार शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाने का दावा कर रही है. अरबों खरबों रुपये खर्च किये जा रहे हैं. आनन फानन में कई विद्यालयों को उत्क्रमित कर दिया गया, लेकिन वर्षों बीतने के बाद भी माकूल सुविधा बहाल […]

समस्या : गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की पोल खोल रहा मधेपुर का उत्क्रमित उच्च विद्यालय कुरसों
एक तरफ सरकार शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाने का दावा कर रही है. अरबों खरबों रुपये खर्च किये जा रहे हैं. आनन फानन में कई विद्यालयों को उत्क्रमित कर दिया गया, लेकिन वर्षों बीतने के बाद भी माकूल सुविधा बहाल नहीं की गयी. मधेपुर प्रखंड के कुरसों में 2013 में उच्च विद्यालय का दर्जा दे दिया पर सुविधा नहीं दी गयी.
यहां तक की बच्चों को विभिन्न विषय पढ़ाने के लिए शिक्षक तक नहीं है. बच्चों का भविष्य दांव पर है. यहां एक ही शिक्षक के सहारे पूरे विद्यालय के बच्चे का भविष्य संवारा जा रहा है. बच्चे का भविष्य कैसा होगा सहज ही अंदाजा लगाया जा रहा है. प्रभात पड़ताल की दूसरी कड़ी में आज उत्क्रमित उच्च विद्यालय का हाल.
मधेपुर : प्रखंड का उत्क्रमित उच्च विद्यालय कुरसों सरकार एवं शिक्षा विभाग के द्वारा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के दावे की पोल खोल रहा है.
इस विद्यालय को वर्ष 2013 में अपग्रेड कर सरकार एवं शिक्षा विभाग द्वारा उच्च विद्यालय का दर्जा दिया गया, लेकिन किसी प्रकार का संसाधन अब तक उपलब्ध नहीं कराया गया.
प्रायोगिक व कंप्यूटर शिक्षा नहीं
आलम यह है कि विद्यालय में नामांकित छात्र-छात्राओं का भविष्य अंधकारमय बना हुआ है. अपग्रेड इस उच्च विद्यालय में कक्षा नौ में कुल 33 छात्र -छात्राएं नामांकित हैं.
नामांकित इन छात्रों को पढ़ाने के लिए महज सामाजिक विज्ञान के एक मात्र शिक्षण रमण कुमार झा ही पदस्थापित हैं. शेष अन्य विषयों के शिक्षकों की पदस्थापना नहीं है. इस कारण छात्रों की पढ़ाई भगवान भरोस ही चल रही है.
विद्यालय परिसर में उच्च विद्यालय का भवन निमार्णाधीन रहने के कारण कक्षा-9 में नामांकित छात्रों को मध्य विद्यालय के कमरे में बैठाकर शिक्षा ग्रहण करायी जाती है. इस विद्यालय में नामांकित छात्रों को प्रयोगशाला के अभाव में प्रायोगिक शिक्षा से वंचित होना पड़ रहा है. कंप्यूटर शिक्षा तो दूर इन छात्रों को गणित, विज्ञान, अंगरेजी आदि विषयों की पढ़ाई से वंचित होना पड़ रहा है.
बच्चों का भविष्य अंधकार मय
विद्यालय में कक्षा-9 में नामांकित छात्रा सुमित्रा, श्वेता, अंजली जूही बताती है कि काफी उम्मीद से स्कूल में नामांकन करायी कि उन्हें अच्छी शिक्षा प्राप्त होगी लेकिन उनके उम्मीद पर पानी फिर रहा है. इसी कक्षा के छात्र रुपेश सिंह, निशांत कुमार सिंह, चंचल चौधरी सहित कई छात्रों ने बताया कि उच्च विद्यालय का दर्जा मिलने पर हमलोगों को काफी खुशी हुई कि अब मैट्रिक तक की शिक्षा गांव में आसानी से प्राप्त होगी, लेकिन नामांकन के बाद पछतावा करना पड़ रहा है. इन छात्रों का कहना था कि सरकार एवं शिक्षा विभाग के द्वारा विद्यालय को उच्च विद्यालय का दर्जा दिया गया.
छात्रों को नामांकन कराने की अनुमति प्रदान कर दी, लेकिन शिक्षकों की पदस्थापना नहीं की इतना ही नहीं स्कूल में किसी प्रकार का संसाधन भी उपलब्ध नहीं करायी गयी. इस कारण हमलोगों का भविष्य अंधकारमय बना हुआ है.
क्या कहते हैं प्रधानाध्यापक
उत्क्रमित उच्च विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापिका मीरा कुमारी ने बताया कि मेसर्स मां वसुंधरा कंसट्रक्शन के द्वारा स्कूल के भवन का निर्माण कराया जा रहा है. शिक्षकों सहित अन्य संसाधन के अभाव के बारे में विभाग को अवगत कराया गया है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >