मधुबनी : नगर परिषद में कार्यरत अवकाश प्राप्त कर्मियों को वेतन व पेंशन छह महीना से बकाया है. इसके कारण इनकी हालत दयनीय बनी हुई है. बच्चों को उचित शिक्षा हो या बीमारी के इलाज की सभी कर्मियों इन अंतहीन पीड़ा से जूझ रहे हैं. हालत ऐसी है कि शहर में दुकानदार इन्हें उधार देना […]
मधुबनी : नगर परिषद में कार्यरत अवकाश प्राप्त कर्मियों को वेतन व पेंशन छह महीना से बकाया है. इसके कारण इनकी हालत दयनीय बनी हुई है. बच्चों को उचित शिक्षा हो या बीमारी के इलाज की सभी कर्मियों इन अंतहीन पीड़ा से जूझ रहे हैं.
हालत ऐसी है कि शहर में दुकानदार इन्हें उधार देना भी मुनासिब नहीं समझते. हालांकि कुछ महीनों से इनके वेतनादि का भुगतान समय से करने की पहल की गयी है, लेकिन हालत ऐसी थी कि कार्मियों को एक साल से अधिक समय का वेतन भगतान लंबित रहती है.
दरअसल, नगर परिषद अपने कार्यरत व अवकाश प्राप्त कर्मियों के वेतन तथा पेंशन भुगतान चतुर्थ वित्त से मिलने वाली राशि तथा अपने आंतरिक आमदनी मद से करती है. वित्तीय वर्ष 2014-15 में चतुर्थ वित्त से एक करोड़ 22 लाख रुपये प्राप्त हुए थे. जबकि विभिन्न मद से आंतरिक आमदनी 70 लाख के करीब हुआ था. जबकि नप को 94 कार्यरत तथा 62 अवकाश प्राप्त कर्मी के वेतन एवं पेंशन मद में 24 लाख रुपये प्रतिमाह भुगतान करती है.चतुर्थ मद से मिलने वाली राशि से विकास के काम भी किये जाते हैं.
दो करोड 88 लाख खर्च
नगर परिषद में कार्यरत व अवकाश प्राप्त कर्मियों के वेतन व पेेंशन मद में सालाना करीब दो करोड 88 लाख खर्च किया जाता है. वर्तमान में कार्यरत 94 कर्मियों के वेतन पर दो करोड़ 52 लापख तथा अवकाश प्राप्त 62 कर्मियां के पेंशन पर 36 लाख रुपये सालाना खर्च आता है.
आमदनी दो करोड़
नगर परिषद के कार्यरत व अवकाश प्राप्त कर्मियों के वेतन व पेंशन के राशि का भुगतान चतुर्थ वित्त ब आंतरिक श्रोत से प्राप्त आमदनी से खर्च किया जाता है एवं इसी से प्राप्त कुछ राशि विकास के कार्य में भी खर्च किये जाते हैं. एक नजर वित्तीय वर्ष 2014-15 में चतुर्थ वित्त से मिलने वाली राशि पर किया जाये तो सराकार की ओर से नगर परिषद को एक करोड़ 22 लाख रुपये मिले थे. जबकि आंतरिक श्रोत से 70 लाख आमदनी हुई थी.
आमदनी से अधिक खर्च
नगर परिषद में कार्यरत 94 तथा अवकाश प्राप्त 62 कार्मियों के वेतन व पेंशन है. जबकि 62 कर्मियों के वेतन व पेंशन पर सालाना दो करोड़ के मुताबिक नगर परिषद की कुल आमदनी वेतनादि पर खर्च के लिए एक करोड़ 82 लाख ही है. गौरतलब हो कि इसी राशि में से क्षेत्र में विकासात्मक कार्य के लिए सड़क नाला, बिजली तथा अन्य मद में खर्च करना होता है. अब सवाल है कि ऐसे में कर्मियों का भुगतान समय से कैसे हो. सेवानिवृत्त सफाई कर्मी शांति देवी बताती है कि वे विगत तीन साल पहले सेवानिवृत्त हो चुकी है, लेकिन इनको अब तक किसी भी प्रकार का लाभ नहीं मिला है. ऐसे में परिवार के सामने अब भुखमरी की समस्या उत्पन्न हो गयी है.
क्या कहते हैं अधिकारी
नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी जटाशंकर झा ने बताया कि अद्यतन वेतन व पेंशन की राशि भुगतान की पहल की जा रही है. पिछले साल तक जहां 14 से 18 महीने का भुगतान लंबित था. जिसे अब सिर्फ छह महीने का ही भुगतान लंबित है. राशि प्राप्त होने पर भुगतान कर दिया जायेगा.