आब के दबाई करेतै हौ लोक सब!जसिया देवी की आंखें कर रही थी महेंद्र की तलाश फोटो: 14परिचय: विलाप करती महेंद्र की पत्नी जसिया देवी मधुबनी/ जयनगर. आब अई बुढ़िया के दबाई के करेते हौ लोक सब, बुढ़वा सब दिन कमा क दबाई लाबई छलई, आब हमरा के खुऐतई आ के दबाई करेतई हौ बाबू. काईल्हो कहलक जे जाई छी पाबईन के सामान ल क दबाईयों नेने ऐबौ. ने पाबईन के सामान लेलक आ ने दबाई लेलक . कोरहिया गांव की 50 वर्षीय बीमार जसिया देवी की कराहती व रोती आखों के साथ ही रूक रूक कर निकल रही आवाज उसके दुखों को हर किसी के सामने व्यक्त करने के लिये काफी था. लोग जाते तो उसे ढांढस बंधाने को, पर लोगों को वहां जसिया देवी की करुण क्रंदन सुन कर रहने की हिम्मत नहीं होती. दरअसल मंगलवार को जयनगर हादसे में जसिया देवी के पति महेंद्र पासवान की भी मौत हो गयी थी. जसिया देवी हृदय रोग की मरीज हैं. इनके भरण पोषण व दवा दारू का एक ही सहारा महेंद्र ही था. हर दिन महेंद्र मजदूरी कर लाता तो उसी पैसे से घर का खर्चा भी चलता और जसिया देवी की ईलाज भी होती. पर आज सब कुछ समाप्त हो गया. किसी के समझ में नहीं आ रहा था कि जसिया देवी का ईलाज व घर का खर्चा अब कैसे चलेगा. लोगों को आते देख जसिया उठती और हर किसी से अपने पति के आने की बात पुछती. उसे यह विश्वास ही नहीं हो रहा था कि उसे दवा दिये बिना ही महेंद चला गया. इस घटना में महेद्र के साथ ही उसका बेटा इंदर पासवान व पोता भी तार के चपेट में आ गया था. पर ये दोनों बाल बाल बच गये. इंदर का इलाज डीएमसीएच में हो रहा है तो पोता की हाथ झुलस गया. वह अब अपने घर पर ही था.
आब के दबाई करेतै हौ लोक सब!
आब के दबाई करेतै हौ लोक सब!जसिया देवी की आंखें कर रही थी महेंद्र की तलाश फोटो: 14परिचय: विलाप करती महेंद्र की पत्नी जसिया देवी मधुबनी/ जयनगर. आब अई बुढ़िया के दबाई के करेते हौ लोक सब, बुढ़वा सब दिन कमा क दबाई लाबई छलई, आब हमरा के खुऐतई आ के दबाई करेतई हौ बाबू. […]
