छठ घाटों पर होगी आपदा प्रबंधन की व्यवस्था

छठ घाटों पर होगी आपदा प्रबंधन की व्यवस्थाघाटों पर पटाखों की बिक्री पर रहेगा प्रतिबंधितमधुबनी़ छठ महापर्व की तैयारी को लेकर जिला प्रशासन सतर्क हैं. जिला पदाधिकारी कुलदीप नारायण ने सभी अनुमंडल पदाधिकारी को खतरनाक नदी घाटों की चिह्नित करते हुए उनकी बैरिकेडिंग करने एवं इसकी निगरानी चौकीदार से कराने के निर्देश दिये हैं. ऐसे […]

छठ घाटों पर होगी आपदा प्रबंधन की व्यवस्थाघाटों पर पटाखों की बिक्री पर रहेगा प्रतिबंधितमधुबनी़ छठ महापर्व की तैयारी को लेकर जिला प्रशासन सतर्क हैं. जिला पदाधिकारी कुलदीप नारायण ने सभी अनुमंडल पदाधिकारी को खतरनाक नदी घाटों की चिह्नित करते हुए उनकी बैरिकेडिंग करने एवं इसकी निगरानी चौकीदार से कराने के निर्देश दिये हैं. ऐसे खतरनाक घाटों पर नागरिक सुरक्षा के स्वयं सेवकों की प्रतिनियुक्ति करने एवं तालाब घाटों पर जहां गहराई प्रारंभ होती है़ ऐसे में स्नान करने वालों के डूबने की संभावना हो , वहां बेरिकेटिंग कराने की व्यवस्था करने का निर्देश दिया है. ताकि छठ पर्व के दौरान तालाब में स्नान करने वाली व्रती के अलावे अन्य लोग उक्त सीमा के पार न जा सके. घाटों पर प्रतिनियुक्त पुलिस बल ऐसे व्रतियों को गहरे पानी में जाने से रोकने का कार्य करेंगे. घाटों पर होगी सुरक्षा व्यवस्था एवं क्यूएमआरटीघाटों पर आवश्यक चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए चिकित्सकों एवं पारा मेडिकल टीमों की प्रतिनियुक्ति की जायेगी. जिला में क्यूएमआरटी की टीमें प्रशिक्षित. आपदा प्रबंधन विभाग के द्वारा एआईएस एंबुलेंस भी कराया गया है. इसके लिए घाटों पर इनकी प्रतिनियुक्त की जायेगी. गोताखोर एवं मोटर वोट चालकों की होगी प्रतिनियुक्तआपदा प्रबंधन विभाग द्वारा प्रशिक्षित गोताखोर छठ घाटों पर प्रतिनियुक्त रहेगी़ साथ में इन्फ्लैटेबुल मोटर बोट एवं नाव उपलब्ध होंगे. होमगार्ड के जवानों को मोटर बोट चालक के रूप में प्रशिक्षित किया गया है. नदी घाटों पर प्रशिक्षित गोताखोरों एवं चालकों की प्रतिनियुक्त लाइफ जैकेट के साथ रहेगी. छठ घाटों पर आईईएलएस उपलब्ध कराया है. जिसमें पर्याप्त रोशनी होती है . छठ पर्व के अवसर पर इसका उपयोग घाटों पर अत्यधिक रोशनी की व्यवस्था होगी.घाटों के किनारे आन साइट कंट्रोल रूम रहेगाआपदा प्रबंधन विभाग की ओर से समुचित संख्या में टेंट उपलब्ध कराया जायेगा. इन टेंटों का उपयोग घाट के किनारे आपदा प्रबंधन के कंट्रोल रूम के रूप में किया जायेगा. जहां पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्त की जायेगी. सभी महत्वपूर्ण दूरभाष संख्या इन कंट्रोल रूम में उपलब्ध रहेगा. किसी भी अप्रिय घटना की सूचना जिला कंट्रोल रूम को देने का निर्देश दिया गया है. घाटों पर पटाखे की बिक्री प्रतिबंधित16 से 18 नवंबर तक नदी घाटों एवं तालाबों के समीप जहां छठ पूजा का आयोजन होना है. पटाखों की बिक्री एवं पटाखे चलाने को पूर्णत: प्रतिबंधित किया गया है. पटाखों की आवाज से घाटों और तालाबों के समीप उपस्थित छठ व्रतियों एवं श्रद्धालुओं के भारी भीड़ के बीच भगदड़ होने की आशंका रहती है. ऐसे में बड़ी दुर्घटना की आशंका को देखते हुए पटाखों की बिक्री को छठ घाटों के किनारे प्रतिबंधित किया गया है. जनप्रतिनिधि व अधिकारियों ने किया घाटों का निरीक्षण फोटो: 14 मधुबनी: लोक आस्था का पर्व छठ पर्व को लेकर नगर परिषद प्रशासन तालाब के घाटों को अंतिम रूप से तैयार करने में जुटी है. शहर मुख्यालय स्थित 21 तालाबों को सफाई के लिए अंतिम रूप दिया जा रहा है. छठ घाटों की सफाई कर आवश्यकता अनुसार मिट्टी डाली गयी है. वहीं तालाब के आसपास ब्लिचिंग व चूना का छिड़काव किया गया है. गंगासागर तालाब पर वाच टावर का निर्माण किया गया. प्रशासन द्वारा सुरक्षा के लिहाज से कड़ी नजर रखी जा रही है. शहर के प्रमुख घाटों में मेडिकल टीम तैनात रखी जायेगी. छठ व्रतियों को परेशानी न हो इसके लिए कई समितियां घाटों की सफाई में अपना हाथ बंटा रही है. गंगासागर तालाब की सफाई में इंद्र पूजा समिति अपना सहयोग दे रही हैं. वहीं इनके सदस्यों द्वारा व्रतियों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है. गौरतलब हो कि नगर परिषद प्रशासन शहर में छठ घाटों की व्यापक रूप से सफाई करती है. शनिवार की सुबह शहर के प्रमुख घाटों का निरीक्षण नप के मुख्य पार्षद खालिद अनवर, कार्यपालक पदाधिकारी जटाशंकर झा, नव निर्वाचित विधायक समीर कुमार महासेठ, इंद्र पूजा समिति के मेला प्रभारी कैलाश साह, मुकेश पंजियार, जदयू जिला अध्यक्ष अब्दुल क्यूम सहित अन्य ने निरीक्षण किया. बेरिकेटिंग के अंदर रहकर ही व्रती पूजा अर्चना करेंगे. वहीं बच्चों को तालाब में उतरने से वर्जित रखा गया है. इसकी देख रेख विभिन्न समितियां करेंगी.लगेंगे वाच टावरशहर के प्रमुख दो तालाबों पर वाच टावर बनाया गया है. वहीं ऊंचे- ऊंचे स्थानों पर वेपर लाइट लगाया गया है. जिसकी दुधिया रौशनी में पूजा अर्चना संपन्न होगी. वहीं वाच टावर से सुरक्षा कर्मी कड़ी नजर रखेंगे. भीड़ भाड़ वाले इलाके में वाच टावर से निगरानी करेंगे. मेडिकल टीम की रहेगी व्यवस्थाशहर के प्रमुख तालाबों पर मेडिकल की टीम रहेंगी. इसके लिए सिविल सर्जन द्वारा डॉक्टरों की टीम भेजी जायेगी. किसी भी प्रकार के घटना पर प्राथमिक उपचार किया जा सके.क्या कहते हैं अधिकारीनगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी जटाशंकर झा ने बताया कि शहर के 21 तालाबों की साफ सफाई करायी गयी है. नप प्रशासन द्वारा दो तालाबों पर लाइटिंग की व्यवस्था की गयी है. पानी की सफाई के लिए चुना व ब्लिचिंग की छिड़काव किया गया है. वहीं वॉच टावर का निर्माण किया गया है. छठ घाटों पर किसी भी तरह की परेशानी नहीं हो. 21 तलाबों की हो रही सफाईशहर स्थित 21 तालाबों की सफाई नगर परिषद द्वारा किया गया है. जिस तालाबों पर पहुंच पथ खराब थी. वहां मिट्टी भराई का काम किया गया है. वहीं तलाब से जलकुंभी व गंदगी को निकाला गया हे. तथा पानी में चुनाव का छिड़काव कराया गया है. जिससे छठ व्रतियों को परेशानी ना हो.सफाई में जुटी समितियांआस्था का लोक पर्व छठ को लेकर नगर क्षेत्र के तालाबों की सफाई में नप के सफाई कर्मी, आम जनता व कई समितियां अपना सहयोग कर रही है. युवा पूरे उत्साह के साथ अपना सहयोग दे रहे हैं. काली मंदिर स्थित इंद्र पूजा समिति के कैलाश साह की देख रेख में सदस्य सफाई में जुटे हैं.लाइट की व्यवस्थाशहर स्थित 21 तालाबों की सफाई के लिए नगर परिषद प्रशासन दिन रात एक कर चुकी है. वहीं शहर के प्रमुख दो तालाबों पर लाइटिंग की व्यवस्था नगर परिषद प्रशासन कर रही हैं. वहीं अन्य तालाबों पर लाइटिंग की व्यवस्था विभिन्न समितियों द्वारा की जायेगी. जिसमें आम जन अपना सहयोग करते हैं.बनेगा डी जोनशहर के मुख्य तालाबों पर डी जोन बनाया गया है. जहां तालाब स्थित पानी में डेंजर जोन बनाया गया है. जहां बांस बल्ला लगाकर बैरिकेटिंग की गयी है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >