वार्डो में लगेंगे 20 नये चापाकल

मधुबनी : शहर में पेयजल की संकट से जूझ रहे लोगों को अब जल्द ही इस समस्या के कुछ राहत मिलने वाली है. इस दिशा में नप प्रशासन ने कवायद शुरू कर दी है. इसके तहत शहर के खराब पड़े चापाकल को ना सिर्फ ठीक किया जा रहा है, बल्कि कई नये चापाकल भी लगाये […]

मधुबनी : शहर में पेयजल की संकट से जूझ रहे लोगों को अब जल्द ही इस समस्या के कुछ राहत मिलने वाली है. इस दिशा में नप प्रशासन ने कवायद शुरू कर दी है. इसके तहत शहर के खराब पड़े चापाकल को ना सिर्फ ठीक किया जा रहा है, बल्कि कई नये चापाकल भी लगाये जाने का प्रस्ताव पारित किया गया है.

करीब 100 चापाकल हैं खराब

नगर प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार शहर मुख्यालय में करीब 100 चापाकल खराब हैं. जिस कारण लोगों को इस गरमी में पेयजल की भारी परेशानी हो रही है. शहर मुख्यालय में सड़कों के किनारे लगे अधिकांश चापाकल खराब हो चुका है. लोगों की मानें तो कई चापाकल तकनीकी कारणों से खराब है तो कई चापाकल वाटर लेवल नीचे चले जाने के कारण बंद हो चुका है. ऐसे में स्थानीय लोगों के साथ साथ राहगीरों को पेयजल की किल्लत हो रही है.

ठीक करने की है योजना शुरू

शहर के बंद चापाकलों को ठीक करने की योजना नप प्रशासन ने शुरू कर दी है. इसके तहत जिस चापाकल में हल्की तकनीकी खामियां हैं, उसे सुधार कर ठीक किया जा रहा है. जबकि जिस चापाकल में अंदर से खराबी हो गयी है, उसे ठीक किया जा रहा है. नप प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार अब तक शहर के 13 बंद पड़े चापाकलों को ठीक किया जा चुका है.

हालांकि पीवीसी पाइप रहने के कारण ठीक करने में दिक्कत हो रही है. वाडरे में पेयजल की समस्या को दूर करने के दिशा में नप प्रशासन नये चापाकल लगाने के दिशा में भी काम कर रहा है. इसके तहत विभिन्न वाडरे में 20 नये चापाकल लगाये जायेंगे. नप प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार वाडरे में इंडियन मॉर्क ा का चापाकल लगाया जायेगा. ताकि जलस्तर नीचे जाने की स्थिति में भी इस चापाकल से पानी निकलता रहे.

जलस्तर में गिरावट

इधर लगातार पड़ रहे गरमी व तेज धूप के कारण शहर के जलस्तर में लगातार गिरावट हो रही है. पीएचईडी विभाग से मिली जानकारी के अनुसार शहर में सामान्य तौर पर 26 से 27 फिट पर जल स्तर है. पर वर्तमान में यह 28 से 30 फिट तक पहुंच गया है. विभाग के कार्यपालक अभियंता राम अयोध्या ठाकुर बताते हैं कि जिस प्रकार से धूप व गर्मी पड़ रही है. यदि जल्द ही बारिश नहीं हुई तो एक माह के अंदर जल स्तर में और अधिक गिरावट होगा और स्थिति काफी खराब हो जायेगी.

क्या कहते हैं अधिकारी

इस बाबत नगर परिषद के कार्यपाल पदाधिकारी जटाशंकर झा ने बताया है कि शहर में पेयजल की समस्या दूर करने के दिशा में प्रशासन हर संभव कोशिश करेगी. इसके तहत बंद पड़े चापाकल को ठीक करने के साथ ही नये चापाकल भी लगाया जायेगा.

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